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पार्वती नदी में आया अचानक उफान, तीन बहे, 6 जने फंसे, तीन का रेस्क्यू

मप्र में हुई बारिश से बढ़ा जलस्तर, रात में भी एसडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियान

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बारां

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Mukesh Gaur

Sep 23, 2023

पार्वती नदी में आया अचानक उफान, तीन बहे, 6 जने फंसे, तीन का रेस्क्यू

पार्वती नदी में आया अचानक उफान, तीन बहे, 6 जने फंसे, तीन का रेस्क्यू

बारां/अटरू/जलवाड़ा. पार्वती नदी में शनिवार को आए अचानक उफान से मछली पकडऩ़े गए पांच लोगों में से तीन बह गए। शनिवार शाम तक इनका कुछ पता नहीं चला है। दो जने तैरकर नदीे से बाहर निकल आए। साथ ही नदी क्षेत्र के तीन स्थानों पर पानी का बहाव बढ़ जाने से छह जने फंस गए। इनमें से एक स्थान पर तीन जनों का रेस्क्यू कर लिया गया था। जानकारी के अनुसार पार्वती नदी में शनिवार सुबह 11 बजे बाद जलस्तर बढऩे लगा था। एक साथ करीब 6-7 फुट की थेप आने से सदर थाना क्षेत्र के कल्यापुरा गांव के समीप मछलियां पकडऩे गए बारां के राजीव गांधी कॉलोनी निवासी राहुल गुजराती (23) बंटी जाटव (43) तथा फतेहपुर निवासी बबलू उर्फ श्याम बिहारी हरिजन (45) पानी में बह गए। तेज बहाव के चलते उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। इसमें से नीलू गुजराती व किशन गुजराती तो तैरकर निकल गए। सदर थानाधिकारी रामबिलास मीणा ने बताया कि दोपहर को 12 बजे करीब कन्ट्रोल रुम से सूचना मिलते ही जाप्ते के साथ घटना स्थल के लिए रवाना हो गए थे। कुछ देर बाद ही एसडीआरएफ भी पहुंच गई थी। पांच-छह घंटे तलाशी के बाद भी तीन लोगों का पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ के टीम लीडर रामकुंवार ने बताया कि 9 जनों की टीम के साथ कल्यापुरा पुलिया से चार किमी दूर तक सर्च किया गया। शाम को 6.30 बजे अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। अब रविवार सुबह रेस्क्यू शुरू किया जाएगा।


अधिकारी भी पहुंचे
पार्वती नदी में तीन जनों के बह जाने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी, उपाधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा, एसडीएम दीपक मित्तल समेत कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जलवाड़ा के समीप पार्वती नदी में शनिवार को उफान आने से टापू पर 3 किसान फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने इनका रेस्क्यू किया। कांस्टेबल गिरिराज सहरिया के अनुसार क्षेत्र के कुंडी गांव के देवकरण मीणा, गौरीशंकर मीणा व लाल चंद मीणा सवेरे पार्वती नदी में स्थित टापू पर खेतों में कृषि कार्य के लिए गए थे। वहां अचानक साढ़े 9 बजे नदी में 7 फीट पानी की आवक हो गई। इससे तीनों वहीं फंस गए। एसडीआरएफ की टीम मौके पर दोपहर करीब 12 बजे पहुंची। दोपहर बाद 3 बजे तीनों किसानों को सकुशल निकाल लिया गया। इस दौरान किनारे पर परिजनों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


रात में भी चला रेस्क्यू
पार्वती नदी में अचानक आए उफान से फंसे लोगों को निकालने में एसडीआरएफ की टीम दोपहर से जुटी रही। कोटड़ी सूंडा में भैरूपुरा के समीप टापू पर फंसे एक ग्रामीण को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम ने रात को भी प्रयास जारी रखे। अंधेरे में टीम बोट को लेकर बचाव के लिए टापू की और बढ़ चली।
मोबाइल से फोन कर पहुंचाई सूचना
पार्वती नदी में नाहरगढ़ क्षेत्र के सीमलोद गांव क्षेत्र स्थित नदी में खेतों में मक्का की फसल की देखरेख करने गए तीन जने फंस गए थे। जिन्होंने मोबाइल से संदेश भेजा। उन्हें एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। इस दौरान कोयला क्षेत्र के कोटड़ीसुण्डा गांव क्षेत्र में भी एक जने के टापू पर फंसे होने ही सूचना मिली। देर शाम तक वहां रेस्क्यू टीम नही पहुंच पाई थी। यहां पर प्रहलाद पुत्र पन्नालाल गडरिया निवासी अरनिया फंसा हुआ है। इस दौरान कागला बम्बोरी में भी दो जनों के फंसे होने की सूचना मिली है।


नदी क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की अपील
किशनगंज. मध्य प्रदेश में बारिश के चलते पार्वती का जलस्तर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। शनिवार को किशनगंज क्षेत्र में हुई घटनाओं को देखते हुए उप जिला कलेक्टर अरुण कुमार जैन ने आमजन से नदी क्षेत्र के इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि अनावश्यक रूप से नदी नालों के समीप न जाएं। नदी क्षेत्र के खतरे वाले स्थानो पर प्रशासन ने मार्ग ब्लॉक कर दिए गए हैं। शनिवार को सिमलोद, कुंडी, किशनगंज क्षेत्र के नदी वाले स्थान चिन्हित कर लोगों की आवाजाही बंद की गई है। वहीं कागला बमोरी क्षेत्र में रविवार को प्रशासनिक टीम पहुचेगी ओर नदी क्षेत्र की ओर लोगों की आवाजाही आगामी तीन दिनों के लिए बंद की जाएगी।


7 फीट बढ़ गया पानी, स्टेट हाइवे बंद
जलवाड़ा. पार्वती नदी में शनिवार को फिर उफान आने से स्टेट हाईवे का आवागमन बंद हो गया है। मध्यप्रदेश में जोरदार बारिश होने से पार्वती नदी में करीब साढे 9 बजे जोरदार पानी की आवक हुई। इसमें बड़े, बड़े पेड़ तक बहकर आ गए। रियासत काल की पार्वती नदी की पुलिया पर 7 फीट पानी की चादर चलने लगी। अर्जुन ङ्क्षसह के अनुसार पार्वती नदी में पानी की तेज आवक होने के कारण करीब ग्यारह बजे तक पुलिया पर 7 फीट पानी की चादर चलने लगी थी। जिससे स्टेट हाइवे जलवाड़ा का बराना मार्ग का आवागमन बाधित हो गया है। क्षेत्र के ग्रामीणों को पता नहीं होने के कारण पुलिया के दोनों किनारों पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। पुलिया पर पानी बढ़ता देख कई वाहन चालक अपने वाहनों को वैकल्पिक मार्ग किशनगंज होते निकल कर गंतव्य स्थल पर पहुंचे। वहीं अटरू उपखंड के दूसरे किनारे पर कई वाहन चालक बारां से या अन्य स्थानों से आकर वापिस 20 किलोमीटर का फिर सफर तय कर बारां पहुंचे फिर वहां वाया किशनगंज होते हुए गंतव्य स्थल तक पहुंचे। इसमें दूरी व काफी समय लगा। कस्बे के निकट बरनी नदी के एनिकट पर करीब ढाई फीट पानी की चादर चल रही है। सुखार नदी की रपट पर 3 फीट पानी की चादर चल रही है।