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अरमानों की जली चिताएं, गांव गमगीन

चाकसू हादसा : एक साथ तीन शवों का अंतिम संस्कार
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 27 Sep 2021, 2:55 AM IST

अरमानों की जली चिताएं, गांव गमगीन

अरमानों की जली चिताएं, गांव गमगीन

कवाई. गोरधनपुरा, हनुमतखेड़ा, कासमपुरा व गोरधनपुरा के युवाओं की जयपुर के निकट जहुए हादसे में मौत ने इलाके को झकझोर दिया है। हादसे में मारे गए 5 रीट अभ्यर्थियों सहित 6 जनों के शवों का यहां रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। एंबुलेंस से रविवार तड़के 5 बजे शव पहुंचे। गोरधनपुरा, नयापुरा में जैसे ही सत्यनारायण बैरवा, सुरेश बैरवा व चालक दिलीप मेहता के अलग-अलग 2 शव लेकर एम्बुलेंस में पहुंची। हनुवतखेड़ा, मोठपुर थाना क्षेत्र के कासमपुर व छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के बमोरीघाटा में भी यही हाल रहा। गोरधनपुरा में करीब 9 बजे जैसे ही तीनों शवों की एक के बाद एक अर्थी निकली तो हर कोई स्तबध रह गया। मुक्तिधाम में सुबह 10 बजे तीनों का दाह संस्कार किया गया। कासमपुरा में तेजराज मेघवाल, हनुवतखेड़ा में वेदप्रकाश मीणा व बमोरीघाटा में विष्णु नागर का अंतिम संस्कार किया गया।


जताई संवेदना
भाजपा के रामपाल मेघवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रुद्रप्रताप सिंह, मनजीत सिंह, भाजपा कार्यकर्ता श्याम मेहता, जेपी मित्तल, मनीष शर्मा ने गोरधनपुरा पहुंच कर परिजनों को ढांढस बधाया। मेघवाल ने मृतकों के परिजन को 10 लाख रुपए मुआवजा देने व किसी एक को सरकारी नौकरी देने की मांग की।


शव के साथ ही रखी पाठ्यसामग्री
गोरधनपुरा में तीनों चिताएं एक साथ श्मशान पहुंची। इनमें दो रीट देने वाले अभ्यर्थी की थी। ऐसे में उनके परिजनों द्वारा शव के साथ ही उनकी पाठ्य सामग्री को भी चिता के पास ही रखकर चिता के साथ जला दिया।


एक जगह जली चिता
गोवर्धन पुरा गांव सुबह करीब 5 बजे पहुंचे तीनों युवाओं की चिता गांव के एकसाथ जलाई गई। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


कीचड़ से होकर निकले
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन युवा गोरधनपुरा के थे। सड़क से 500 मीटर दूर स्थित श्मशान घाट ले जाने का रास्ता सुगम नहीं होने से लोगों को कीचड़ से होकर अर्थियों को ले जाना पड़ा। ग्रामीण खेत में होकर निकले। लोगों का कहना है कि यहां शमशान घाट पर व इसके रास्ते पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। बारिश में खुले में ही अंत्येष्टि करनी पड़ती है।