
खेती किसानी : खेतों में बढ़ती मांग से मजदूरों को मिल रहा काम
बोहत. कस्बे सहित आसपास के गांवों में किसानों ने खेती में अच्छे भाव की आशा लेकर खेतों में लहसुन की बुवाई की है। इस सत्र में लहसुन का भाव कम रहने से किसानों को निराशा मिली है। इसकी वजह से किसानो ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस सञ में लहसुन बुवाई का क्षेञफल कम रहा है। हालांकि इस बार बारिश अच्छी होने से व दो बार मावठ की बारिश होने से नलकूपों का भूजल स्तर कम नहीं हुआ है। किसान पहले एक माह की फसल में निराई-गुड़ाई करवा चुका है। पुन: लहसुन की फसल में उगे हुए खरपतवार को हटाने को लेकर बेहतर पैदावार लेने के लिए किसानों ने इस समय लहसुन की दुबारा फसल में निराई-गुड़ाई का कार्य शुरू कर रखा है। इसके चलते मजदूरों को भी मुंहमांगी मजदूरी मिल रही है। किसान बोहत हिगोनियां पाडलिया गांव से महिलाएं मजदूर अपने अपने टै्रक्ट्रर ट्रॉली में बैठाकर खेत तक लाते हैं। लहसुन उत्पादक अग्रणी किसान हेमराज बांवता महेश गालव जोधराज योगी, रामगोप राठी सहित कई किसानों ने बताया कि लहसुन की फसल में खरपतवार को नष्ट करने के लिए मजदूरों से निराई-गुड़ाई करवा रहे हैं। इसके कारण मजदूरों को भी प्रतिदिन एक सौ पचास से रुपए मिल रहे हैं।
सृजन संस्थान द्वारा एचडीएफसी परिवर्तन सीएसआर के एफआर डीपी कार्यक्रम के अन्तर्गत पांच गांवों में किसानों को लहसुन सुखाने के लिये सोलर ड्रायर दिए गए हैं। प्रोजेक्ट लीडर मनीश गुर्जर ने बताया कि मांगरोल तहसील के ग्राम पंचायत हिगोनियां के चार गांव पाडलिया, हिंगोनिया, हरसोली, श्यामपुरा ग्राम पंचायत भटवाड़ा के जेतलहेड़ी के एक-एक किसान को यह ड्रायर दिए गए हैं। संस्थान गांवों में सोलर लाइट भी लगवाएगा। सभी लाभाविन्त किसानों ने सृजन संस्था एचडीएफसी परिवर्तन सीएसआर एवं सृजन संस्था टीम का आभार व्यक्त किया। किसानों ने बताया कि इस ड्रायर के उपयोग से वे अपनी लहसुन की फसल को जल्दी सुखाकर बेकार होने से बचा सकेंगे।
Published on:
13 Feb 2022 10:52 am
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