बारां. शहर के बाहरी प्रमुख मार्गों पर लगे कचरे के ढेरों को हटवाने के लिए नगरपरिषद की ओर से निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने पर है। शीघ्र ही कार्यादेश जारी कर कचरा हटाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इससे शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे लगे कचरे के पहाड़ों व इसकी दुर्गंध से लोगों को मुक्ति मिलेगी। अटरू रोड स्थित मेट्रो चौराहा के समीप सड़को के किनारे, मांगरोल रोड पर करमाजी की बावड़ी के समीप तथा झालावाड़ रोड पर आईटीआई के समीप काफी समय से कचरा डाला जा रहा था। इसके चलते इन स्थानो पर कचरे के पहाड़ बन गए।
करीब 33 हजार क्यूबिक मीटर कचरा
शहर के अटरु रोड, झालावाड़ रोड तथा मांगरोल रोड पर करीब 33 हजार क्यूबिक मीटर कचरा पड़ा हुआ है। इसमें सर्वाधिक कचरा अटरु रोड के मेट्रो चौराहे के समीप सड़को किनारे है। यहां पर करीबन 18 हजार क्यूबिक मीटर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वहीं झालावाड़ रोड पर 7.5 हजार क्यूबिक मीटर तथा मांगरोल रोड पर 7 हजार क्यूबिक मीटर कचरे के ढेर सड़को पर पड़े हुए है। कचरे का कोटा की एक सर्वेयर कम्पनी के माध्यम से सर्वे करवाकर अनुमान लगाया गया था। इसके बाद टेण्डर जारी किए गए।
ऐसे बने कचरे के पहाड़
रोजाना शहर में करीब 35 टन कचरा निकलता है। नगरपरिषद ने कचरा निस्तारण के लिए नियाणा गांव क्षेत्र में वर्ष 2011 में कचरा निस्तारण केन्द्र का कार्य शुरु किया था। लेकिन कई अड़चनों के चलते तथा मुख्य शाहाबाद मार्ग से कचरा निस्तारण केन्द्र तक ङ्क्षलक रोड नही बनने से बरसात के समय वहां तक कचरा गाडिय़ां नही पहुंच पाती थी। जिसके चलते बरसात में शहर के बाहर के प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे ही कचरा डालना शुरु कर दिया था। इसके कारण यह ढेर लगते चले गए।
लोगों की परेशानी