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आदिवासी क्षेत्र में चारागाह भूमि पर बना रहे आशियाने

कस्बाथाना. कस्बाथाना कस्बे सहित पंचायत क्षेत्र में प्रशासन सहित संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण दिनोंदिन अतिक्रमियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कस्बाथाना कस्बे के सार्वजनिक स्थल हो या फिर चरागाह भूमि, वन विभाग की जमीन हो चाहे सरकार की आवंटित जगह, लोग अतिक्रमण करने में जुटे हैं।

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आदिवासी क्षेत्र में चारागाह भूमि पर बना रहे आशियाने

आदिवासी क्षेत्र में चारागाह भूमि पर बना रहे आशियाने

कस्बाथाना. कस्बाथाना कस्बे सहित पंचायत क्षेत्र में प्रशासन सहित संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण दिनोंदिन अतिक्रमियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कस्बाथाना कस्बे के सार्वजनिक स्थल हो या फिर चरागाह भूमि, वन विभाग की जमीन हो चाहे सरकार की आवंटित जगह, लोग अतिक्रमण करने में जुटे हैं। इन दिनों कस्बाथाना के नीम झीरिया मंदिर के पीछे चरागाह भूमि पर लोग रोजाना अतिक्रमण कर कई लोग बाड़े तो कई लोग टपरियां बना रहे हैं। जिसकी जानकारी विभाग के आला अधिकारियों व हल्का पटवारी सहित उपखंड प्रशासन को होने के बाद भी नजर अंदाज किया जा रहा है। जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है। गौरतलब है कि नीम झीरिया के पास सरकारी ग्राउंड के पीछे की भूमि चरागाह के लिए आरक्षित भूमि है, जो आए दिन हो रहे अतिक्रमण के चलते क्षेत्र के लोगों के लिए ङ्क्षचता का विषय है। सरकार की करोड़ों की भूमि अतिक्रमियों के कब्जे में आ चुकी है। उन्होंने अतिक्रमण को हटवा गलत तरीके से कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नीम झीरीया मंदिर कस्बाथाना के पीछे ऊबड़ खाबड चारागाह भूमि पर भी लोग अतिक्रमण करने से नहीं चुक रहे हैं अतिक्रमणकारियों ने चार पांच टपरियां बनाकर अतिक्रमण कर लिया है इसी के साथ कुछ दिनों बाद यह जमीन खेती योग्य बना ली जाएगी लेकिन सबंधित आला अधिकारी के कान में जुं तक नहीं रंगेगी।