
2.50 करोड़ रुपए खर्च, न रिसाव रुका और न नहर बन सकी
किशनगंज. गोपालपुरा मध्यम सिंचाई परियोजना की मुख्य नहर गोपालपुरा तालाब की मोरी नंबर 1 से खेड़ली पिकअप वियर तक नवनिर्माण के लिए 4 वर्ष पूर्व 3.26 करोड़ लाख स्वीकृत हुए थे। किसान महापचंायत के प्रदेष संयोजक सत्यनारायण सिंह ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग तृतीय खंड बारां ने नहर का निर्माण करने के बजाय स्वीकृत राशि को खेड़ली पिकअप वियर बरूनी लिंक चैनल पर 2.50 करोड़ की राशि दुरस्तीकरण पर खर्च कर दी। लेकिन चैनल से पानी का रिसाव नहीं रुका। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्य नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि विभाग ने मरम्मत के नाम पर एस्टीमेट बनाकर राशि खर्च कर दी। तब किसानों ने नहर के लिए स्वीकृत राशि से नहर निर्माण के लिए किसान महापंचायत की ओर से मांग की थी। किंतु जल संसाधन विभाग ने बरूनी लिंक सारण से पानी का रिसाव रोकने के नाम पर नहर नहीं बनवा कर पूरी राशि पिकअप वियर लिंक सारण पर खर्च कर दी। भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद लिंक सारण में से तालाब का आधे पानी का रिसाव हो रहा है। मरम्मत के नाम पर लीपापोती कर अधिकारियों ने घटिया काम कर भ्रष्टाचार किया है। ऐसे में रामगढ़ के किसानों को न नहर मिली न पानी का रिसाव रुका।
एईएन बोले केकड़ों ने खोखला कर दिया
इस मामले में सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता ब्रजेश बैरवा ने कहा कि खेड़ली पिकअप वियर, बरूनी लिंक चवैनल, बरूनी एनिकट पर 1.70 करोड़ की राहिश मरम्मत के लिए र्खच की गई थी। यहां पर चैनल निर्माण 7- 8 वर्ष पहले मनरेगा के तहत हुआ था। हमनें मरम्मत करवाई थी। लेकिन केकड़ों ने इसे खोखला कर दिया। एनिकट पर पानी का रिसाव नहीं है। उनका कहना था कि यहां पर पानी में केकड़ों की संख्या बहुतायत में है कई बांधों और तालाबों व जलीय ढांचों को इस समस्या से जूझना पड़ता है। ये पानी की गहराई में कंक्रीट और सीमेंट के ढांचे को भी कुरेद व खोद कर खोखला कर देते हैं।
Published on:
06 Feb 2022 10:49 am
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