
कलश यात्रा के साथ महायज्ञ शुरू
नाहरगढ़ कस्बे में शनिवार को गायत्री प्रज्ञा पीठ के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय 51 कुंडीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ का आगाज कलश यात्रा के साथ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा दोपहर लगभग एक बजे लाल किला स्थित कचहरी प्रांगण से शुरू हुई, जो जो प्रमुख मार्गों से निकली। इसका कई जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। महिलाएं भी भजनों पर भाव विभोर होकर नृत्य कर रही थीं। इसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और स्वामी विवेकानंद की झांकी सजाई गई। नशा मुक्ति और कन्या भ्रूण हत्या जैसी झांकियां भी आकर्षण का केन्द्र रही। इसके साथ ही चार दिवसीय महायज्ञ शुरू हो गया। शाम को कलश यात्रा का समापन कचहरी प्रांगण पर हुआ। जहां शांतिकुंज से आए विद्वानों के प्रवचन हुए। बाद में गायत्री माता की महाआरती तथा प्रसाद वितरण किया गया। कलश यात्रा के दौरान गायत्री परिवार के जिला संयोजक चंद्र प्रकाश सांखला, दिया फाउण्डेशन के मुकेश मीणा, प्रभुदयाल नागर, नंदकिशोर गोयल, घांंसीलाल नागर, श्याम नागर, ओमप्रकाश कुशवाह, अध्यापक हंसराज नागर, घनश्याम नागर, रघुनंदन शर्मा, सुधा जैन, भवानी शंकर खंडेलवाल, चंद्रमोहन कारपेंटर, महावीर जैन समेत सैकड़ों गायत्री परिवार के सदस्य मौजूद थे।
अब यह होंगे आयोजन
आयोजन समिति के अध्यापक हंसराज नागर ने बताया कि रविवार को प्रात: योग सत्र, हवन एवं संस्कार, दोपहर तीन बजे कार्यकर्ता गोष्ठी एवं पुरुष मंडल का गठन, शाम को प्रवचन एवं प्रज्ञा पुराण कथा होगी। 11 फरवरी को भी इसी प्रकार कार्यक्रम चलेंगे। दोपहर में महिला मंडलों का गठन होगा। वहीं 12 फरवरी को योग सत्र, प्राण प्रतिष्ठा के बाद हवन की पूर्णाहुति होगी।
Published on:
10 Feb 2019 05:57 pm
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