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…और इंतजार : बारां मेडिकल कॉलेज की राह में फैकल्टी और फर्नीचर का रोड़ा

सरकार की ओर से प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के साथ बारां जिले में भी जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में उदासीनता बरतीजा रही है। इससे जिले के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने में देरी होती जा रही है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को शुरू करने से पहले सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) की टीम के समक्ष इस तरह की कमियां सामने आई हैं। टीम ने मुख्य रूप से कॉलेज में शिक्षण कार्य के लिए जरूरी फैकल्टी, शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक फर्नीचर ओर आवश्यक उपकरणों संसाधनों के नाम पर जीरो व्यवस्था होने पर पहले इन कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए।

बारांJun 24, 2024 / 11:36 pm

mukesh gour

सरकार की ओर से प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के साथ बारां जिले में भी जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में उदासीनता बरतीजा रही है। इससे जिले के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने में देरी होती जा रही है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को शुरू करने से पहले सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) की टीम के समक्ष इस तरह की कमियां सामने आई हैं। टीम ने मुख्य रूप से कॉलेज में शिक्षण कार्य के लिए जरूरी फैकल्टी, शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक फर्नीचर ओर आवश्यक उपकरणों संसाधनों के नाम पर जीरो व्यवस्था होने पर पहले इन कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के साथ बारां जिले में भी जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में उदासीनता बरतीजा रही है। इससे जिले के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने में देरी होती जा रही है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को शुरू करने से पहले सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) की टीम के समक्ष इस तरह की कमियां सामने आई हैं। टीम ने मुख्य रूप से कॉलेज में शिक्षण कार्य के लिए जरूरी फैकल्टी, शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक फर्नीचर ओर आवश्यक उपकरणों संसाधनों के नाम पर जीरो व्यवस्था होने पर पहले इन कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए।

नेशनल मेडिकल कौंसिल की 3 सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण, बजट मिला, लेकिन संसाधनों का नहीं हुआ बंदोबस्त

बारां. सरकार की ओर से प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के साथ बारां जिले में भी जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में उदासीनता बरतीजा रही है। इससे जिले के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने में देरी होती जा रही है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को शुरू करने से पहले सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) की टीम के समक्ष इस तरह की कमियां सामने आई हैं। टीम ने मुख्य रूप से कॉलेज में शिक्षण कार्य के लिए जरूरी फैकल्टी, शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक फर्नीचर ओर आवश्यक उपकरणों संसाधनों के नाम पर जीरो व्यवस्था होने पर पहले इन कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा करने के बाद टीम को बुलाया था

राजस्थान मेडिकल एजूकेशन सोसायटी (राजमेस) की ओर से 30 मई को जयपुर में केन्द्रीय प्रवर्तित योजनान्तर्गत स्वीकृत राजमेस के अधीन स्थापित किए जाने वाले 5 नवीन चिकित्सा महाविद्यालय बारां, बांसवाड़ा, सवाई माधोपुर, नागौर एवं झुन्झुनूं की प्रगति की समीक्षा एवं एनएमसी के निरीक्षण के मद्देनजर राजमेस आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर समीक्षा की गई थी। इसके बाद एनएमसी की टीम को बुलाया गया था। अब सोमवार को टीम बारां में निरीक्षण को पहुंची तो कई तरह की कमियां चिन्हित की गई।
पहले कमियां सुधारों, फिर देखा जाएगा

एनएमसी की तीन सदस्यीय टीम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बारां पहुंच गई थी। टीम में कर्नाटक व तेलंगाना के विशेषज्ञ अधिकारी शामिल थे। टीम ने जिला अस्पताल के मेल, फिमेल समेत सभी वार्ड में निरीक्षण कर वहां बैड की उपलब्धता, आउटडोर, इनडोर, फैकल्टी की स्थिति, प्रयोगशाला एवं जांच केन्द्र में होने वाली जांच व दी जाने वाली रिपोर्ट, एक्स-रे, सोनोग्राफी आदि का निरीक्षण कर सम्बंधितों से जाकारी ली तथा इसके फोटो, वीडियोग्राफी भी की। इसके बाद एमसीएच में निरीक्षण करते हुए पिछले तीन वर्ष की ओपीडी, आईपीडी, रैफर, डिस्चार्ज व मृत्यु के आंकड़े लिए। इसके अलावा रेण्डमली 3 दिन के भर्ती टिकट निकलवाए तथा उन पर मरीजों को दिए गए स्टैंडर्ड ऑफ मैनेजमेंट उपचार आदि की समीक्षा की। बाद में कॉलेज के अकादमी भवन पहुंच कर वहां एनॉटोमी, फिजीयोलॉजी व बायोकैमिस्ट्री का इंफ्रास्ट्रक्चर देखा। गल्र्स और ब्वॉयज होस्टल, फैकल्टी आवासीय क्षमता आदि को देखा। इस दौरान उन्होंने लेक्चरर थेयटर (एलटी) को देखकर संतोष व्यक्त किया।
बजट स्वीकृति के आदेश को देखकर जताया संतोष

इस दौरान टीम ने मशीनों व आवश्यक उपकरणों की कमी को लेकर गहरी नाराजगी जताई, लेकिन बाद में अधिकारियों ने उपकरणों के लिए सरकार की ओर से बजट स्वीकृति सम्बधी आदेश की कॉपी दिखाई तो प्रक्रिया जारी होने पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान टीम ने कमियों को चिन्हित कर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बारां मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सीपी मीणा व सहायक नोडल अधिकारी डॉ. केएम लोढ़ा, जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से फैकल्टी, फर्नीचर और उपकरणों की कमियों को चिन्हित किया गया। अब आगामी एक माह के दौरान चिन्हित कमियों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद फिर एनएमसी की टीम को निरीक्षण के लिए बुलाया जाएगा।
डॉ. सीपी मीणा, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज बारां

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