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मानसून ने बढ़ा रहा चने की खनक

सरसों की बुवाई का समय निकलने से बढ़ा किसानों का रुझान, जिले में अब लहसुन की बुवाई भी पकडऩे लगी है जोर

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मानसून ने बढ़ा रहा चने की खनक

मानसून ने बढ़ा रहा चने की खनक


बारां. जिले में अब रबी की फसलों की बुवाई जोर पकडऩे लगी है। किसान दिनरात खेतों पर पड़ाव डाल सरसों समेत अन्य फसलों की बुवाई में जुटे हैं। बुधवार देर शाम तक जिले में 73483 हैक्टेयर भूमि में बुवाई हो गई थी। इनमें सर्वाधिक 61000 हैक्टेयर बुवाई सरसों की हुई है। अब यहां लहसुन के बाद किसान चने की बुवाई को भी प्रमुखता दे रहे हैं। इसका प्रमुख जिले में अतिवृष्टि के बाद खेत तैयार होने में समय लगने से सरसों की बुवाई का समय निकल गया। ऐसे में सरसों की बुवाई की तैयारियां कर बैठे किसान अब चने की बुवाई में जुटे हैं।
जिले में इस वर्ष गत मानसून में अति व अनावृष्टि के कारण न तो खरीफ की प्रमुख फसल सोयाबीन का उत्पादन अच्छा रहा और न ही उड़द किसनों को संबल दे सके। ऐसे में किसानों की आस रबी की फसलों पर टिकी हुई है। मानसून के दौरान जिले के सिंचाई स्रोतों में पानी की अच्छी आवक होने से किसानों की उम्मीदें फल-फूल रही थी, लेकिन मानसून का दौर अक्टूबर माह तक जारी रहने से धरतीपुत्रों की यह उम्मीदें भी दम तोड़ गई। ऐसे में न चाहते हुए भी किसानों को चने की बुवाई करनी पड़ रही है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि नवम्बर माह तक जिले में गेहूं समेत रबी की सभी फसलों की बुवाई का दौर पूरा हो जाएगा।
आधा रह गया सरसों का क्षेत्रफल
कृषि विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जिले में पूर्व में रबी की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई के लिए 1.20 लाख हैक्टेयर में सरसों की बुवाई की उम्मीद जताई थी, लेकिन मानसून के अक्टूबर माह तक सक्रिय रहने से सरसों की बुवाई के लिए तय आदर्श समय 15 अक्टूबर निकल गया। इसके बाद भी किसानों ने सरसों की बुवाई की है। इससे इसका क्षेत्रफल 61 हजार हैक्टेयर हो गया, लेकिन अब किसानों ने सरसों की बुवाई से हाथ खींचना शुरू कर दिया है। ऐसे में चने की बुवाई का रकबा बढ़ रहा है।
अब चने की बुवाई जुटे धरतीपुत्र
जिले में अब तक 7435 हैक्टेयर भूमि में चने की बुवाई हो गई है। पूर्व में विभाग ने करीब 35 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई का अनुमान लगाया था, लेकिन अब किसानों के पास अन्य विकल्प नहीं होने से वे चने की बुवाई को गति दे रहे हैं। कृषि अधिकारियों के अनुसार यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो 50 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई हो सकती है।
लहसुन की बुवाई के खेतों में पड़ाव
अब जिले में लहसुन की बुवाई भी जोर पकडऩे लगी है। अब तक जिले में 2980 हैक्टेयर भूमि में लहसुन की बुवाई हो गई है। किसानों ने खेतों में पड़ाव डाल बुवाई को गति देना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 40 हजार हैक्टेयर में लहसुन की बुवाई का अनुमान लगाया गया था, लेकिन किसानों के रुझान को देखते हुए इसमें वृद्धि हो सकती है।
-वर्तमान में किसान सरसों, चना व लहसुन समेत अन्य फसलों की बुवाई में जुटे हुए हैं। जबकि गेहूं की बुवाई 15 नवम्बर के बाद शुरू होगी। आने वाले दिनों में चने व लहसुन का रकबा तेजी से बढ़ेगा। अब जिले में डीएपी खाद की उपलब्धता भी होने लगी है।
अतीश कुमार शर्मा, उपनिदेशक कृषि विस्तार
फैक्ट फाइल
जिले में रबी की बुवाई का कुल क्षेत्रफल-3 लाख 36 हजार हैक्टेयर
अब तक सरसों की बुवाई-61 हजार हैक्टेयर
अब तक चने की बुवाई-7535 हजार हैक्टेयर
अब तक लहसुन की बुवाई-2980 हजार हैक्टेयर
अब तक अन्य फसलों की बुवाई-1968 हैक्टेयर