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मोतीपुरा हादसा : छठे दिन शाम को मिला दिनेश का शव

शव लेकर पुलिस पहुंची मोर्चरी, राजनीतिक दलों एवं परिजनों ने किया हंगामा, कार्रवाई की मांग
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 14 Sep 2021, 11:32 PM IST

मोतीपुरा हादसा : छठे दिन शाम को मिला दिनेश का शव

मोतीपुरा हादसा : छठे दिन शाम को मिला दिनेश का शव

छबड़ा. पिछले बुधवार को मोतीपुरा थर्मल पावर प्लांट में ईएसपी ढांचा गिरने से हुए हादसे में दबे भीलवाड़ा ऊंचा निवासी युवक दिनेश मेहता की तलाश के लिए 6 दिनों से चल रहा रेस्क्यू अभियान मंगलवार शाम 5.30 बजे पूरा हुहा। ईएसपी के हॉपर नंबर 5 एवं 6 के बीच लोहे की बड़ी प्लेटों के नीचे दिनेश मेहता का शव बरामद किया गया। यह वही जगह थी, जहां सोमवार को कोटा से आए ट्रेनी डॉग ने दिनेश के दबे होने के इशारे दिए थे।
दिनेश का शव मिलने के बाद एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकाल प्रशासन के सुपुर्द किया। यहां से युवक के शव को छाबड़ा चिकित्सालय स्थित मोर्चरी में भेजा गया। बाद में मेडिकल बोर्ड से दिनेश के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। परिजनों द्वारा पहले भीलवाड़ा ऊंचा गांव के रास्ते में एवं बाद में छबड़ा चिकित्सालय पहुंचकर शव लेने से इनका कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज करने एवं मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। इस दौरान राजनीतिक दलों के नेता भी वहां पहुंच गए। मामले को देखते हुए यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन तैनात कर दिया गया। उपखंड अधिकारी मनीषा तिवारी, तहसीलदार जतिन दिनकर, डीवाईएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत, छबड़ा एवं बापचा थाना अधिकारी भी मौके पर डटे रहे।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका
गत बुधवार रात हुए हादसे के बाद भले ही थर्मल प्रशासन रेस्क्यू अभियान के नाम पर लगातार अपने प्रयासों को लेकर दावे करता रहा। यह साफ नजर आया कि थर्मल प्रशासन रेस्क्यू को लेकर गंभीर नहीं था। इसलिए युवक का शव निकालने में इतने दिन लगे। थर्मल प्रशासन द्वारा मेकओवर कंपनी से रेस्क्यू अभियान शुरू कराने के दावे भी मंगलवार को खोखले साबित हुए। जब घटनास्थल पर उनका कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। बाद में डीवाईएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत ने समझाइश कर रेस्क्यू शुरू करवाया। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के जवान लगातार प्रयास जारी रखे हुए थे। स्थानीय प्रशासन सहित डीवाईएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत लगातार घटना स्थल पर मौजूद रहे। उनके द्वारा ट्रेनिंग डॉग को घटनास्थल पर बुलाए जाने के बाद जिस जगह रेस्क्यू शुरू किया गया, वहीं दिनेश का शव मिला। घटना के बाद से क्षेत्र के बकेश मेहता ने भी समय पर संसाधन उपलब्ध करवाकर रेस्क्यू में भरपूर सहयोग दिया।देर शाम तक मोर्चरी में बाहर बड़ी संख्या में परिजन एवं राजनीतिक दल के लोग उपस्थित थे। इस दौरान वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सूचना के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर बृजमोहन बैरवा एवं एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार छबड़ा के लिए रवाना हो गए हैं।