बारां. बीते बीस बरसों से सर्वधर्म नि:शुल्क विवाह सम्मेलन आयोजित करना बहुत बड़ा काम है। यह चुनौती है, जिसे मंत्री प्रमोद भाया सतत् निभा रहे हैं। दूसरी बार इस आयोजन में आया हूं। पहली बार आया तो प्रदेश की वसुंधरा राजे की सरकार ने हमारे खिलाफ मुकदमे लगा दिए। इसमें हमें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली।
यह बात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को यहां आयोजित नि:शुल्क विवाह सम्मेलन समारोह से लौटते समय पत्रकारों से चर्चा में कही। इस दौरान गहलोत ने भाजपा व आरएसएस पर भी निशाना साधा। समरोह में दिए गए भाषण पर पत्रकारों ने राष्ट्रवाद को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि जब मानवतावाद ही नहीं होगा तो राष्ट्रवाद का क्या करेंगे। दुनिया वाले राष्ट्र कहां होंगे। मानवतावाद होगा, तभी तो राष्ट्रवाद होगा। भाजपा अपने आप को हिन्दूवादी कहती है तो क्या हम हिन्दू नहीं हैं। वे स्वामी विवेकानंद व डॉ. अम्बेडकर को कोट करते है, लेकिन वो जो कहते थे, उसे अपनाते नहीं है। अब भी देश के गांवों में छुआछूत बहुत है। दलित वर्ग के लिए कम परेशानियां नहीं हैं। ऊंच, नीच का भेदभाव है। उसे क्यों नहीं खत्म करते। इसके लिए बीजेपी व आरएसएस क्या कर रही है। यह हिन्दू धर्म के ठेकेदार बनते हैं, संगठन कहते हैं। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मोहन भागवत से पूछना चाहते है कि बीजेपी व आरएसएस देश के लिए शॉर्ट टर्म व लांग टर्म क्या करना चाहते हैं, यह तो बताएं। सरदार बल्लभ भाई पटेल ने इस संगठन पर रोक लगाई थी, तब इन्होंने माफी मांग ली थी। कहा था कि हम कभी राजनीति में नहीं आएंगे। आप बीजेपी को सपोर्ट करते हो, ठीक है, लेकिन यह बताओ हम हिन्दू नहीं हैं क्या।
पताका पहनाने का भी विरोध
प्रदेश की सरकार की मंत्री शकुंतला रावत ने एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को पीली पताकाएं पहना दी। इन पर गायत्री परिवार का ओम का चिन्ह अंकित था। भाजपा वाले उसका भी विरोध करने लगे। यह कैसी मानसिकता है।
पायलट को लेकर चुप्पी साधी
जब पत्रकारों ने सचिन पायलट की संघर्ष यात्रा को लेकर सवाल पूछा तो मुख्यमंत्री गहलोत चुप्पी साध गए। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के रिपीट होने के सवाल को भी उन्होंने अनसुना कर दिया।