बारां. निकटवर्ती बटावदा गांव में मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कराने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कार्य रोक दिया। उपसरपंच मनोज मीणा ने कहा कि ग्राम बटावदा में जो तालाब के एनिकट और सौन्दर्यकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन जो मुख्य कार्य है तालाब गहराईकरण, वो नहीं हो रहा है। जबकि तालाब को गहराई बढ़ाना आवश्यक है। पानी की आवक के साथ तालाब में पानी के साथ मिट्टी भर गई है। वर्तमान में जो तालाब की स्थिती है जिसमे पानी की निकासी पूर्व के बरसों में मोरी के माध्यम से होती थी और पानी का उपयोग सिंचाई में होता था। लेकिन वर्तमान में यह सिंचाई तंत्र और मोरी देखरेख के अभाव में बंद हो गई है। अगर इस मोरी को और सिंचाई तंत्र को भी साथ में चालू कर दिया जाए और तालाब गहराईकरण भी 0 फीट किया जाए तो तालाब में पानी का भराव हो सकेगा। इस कार्य की अनुशंसा लगभग 15 दिन पूर्व ग्रामीणों की उपस्तिथि में विधायक पानाचंद मेघवाल ने की थी। उस समय सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने ग्रामवासियों को आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक भी यह कार्य नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह एनिकट बनाया जा रहा है, उसके पानी की निकासी यह गांव में अंदर होकर हो रही है, जो अनुचित है। इससे बरसात के समय जो पानी आएगा, वह फिर से गांव के रास्ते से बहेगा। बटावदा की जीवनरेखा तालाब को जनता की अपेक्षाओं के अनुसार सही और उपयोगी बनाया जाना चाहिए।
यह ग्रामीण रहे मौजूद
आक्रोश जताने वालों में सरपंच चौथमल मेघवाल्, हरिओम मेघवाल, छीतरलाल शर्मा, विष्णु मोदी, गोपाल मीना ,वरिष्ठ अध्यापक कलूलाल मीना, रामरतन शर्मा, वर्ड पंच हरिप्रसाद शर्मा ,नरेन्द्र सिंह भाटी, हेमंत मीना, रामलाल सुमन, बालमुकंद्, बद्रीलाल, रामप्रसाद, प्रभूलाल, हेमराज सुमन, मुलचंद मीना ,कन्हैलाल मीना, विष्णु पंडित, गिरिराज शर्मा, धनराज मीना, दीपक शर्मा, महावीर, भीमराज, राकेश, सोनू, कमल, सोहनलाल, कुंजबिहारी मीना, सुनील, भरत मीना, अशोक आदि शामिल रहे।