8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब शुरू होगी पिलर के लिए खुदाई

झालवाड़ रोड रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण का मामला, खोदी गई सड़क पाटने से प्रभावित क्षेत्र लोगों में संशय
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बारां

•

image

Ghanshyam Dadhich

•

Updated: 28 Sep 2021, 8:46 PM IST

अब शुरू होगी पिलर के लिए खुदाई

अब शुरू होगी पिलर के लिए खुदाई

बारां. बारां-झालावाड़ रोड रेलवे फाटक (तेल फैक्ट्री ) पर ओवर ब्रिज ( आरओबी ) के निर्माण को लेकर दो दिन से संशय गहराया हुआ है। संवेदक ने तेल फैक्ट्री क्षेत्र में पिएर (पिलर) के लिए खोदे गए गड्ढे को पाटने से लोग भ्रमित हो गए। इस बीच कई लोगों ने यह अफवाह भी उड़ा दी कि ओवरब्रिज का निर्माण रोक दिया गया है। जबकि निर्माण एजेंसी राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एण्ड कंसट्रक्शन कार्पोरेशन (आरएसआरडीसी) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर पायल टेस्ट के लिए गड्ढे खोदे गए थे। इन्हें टेस्ट के बाद समतल कर दिया गया है। अब पिल्लर की ख्ुादाई का कार्य शुरू होगा।
सोमवार रात को इस मार्ग पर लगाए गए कई बेरिकेड्स हटाने व गड्ढों को पाट देने से लोगों में मंगलवार सुबह से निर्माण कार्य रोक देने की चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने जनप्रतिनिधियों को कोसना तक शुरू कर दिया। ऐसे लोगों का कहना था कि आरओबी के निर्माण से कुछ 'खासÓ के हितों पर आंच आ रही थी। इसके चलते बरसों से चल रही लोगों की इस समस्या के समाधान को बिसरा दिया गया है। जबकि कुछ लोग निर्माण रोकने के लिए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने में लगे रहे। लेकिन न तो जनप्रतिनिधियों और न ही नगर परिषद इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की। इससे भी लोगों में संशय बढ़ गया।
कोटा रोड आरओबी से करने लगे तुलना
कई लोग इस निर्माणाधीन आरओबी की कोटा रोड के आरओबी से तुलना करने लगे। ऐसे लोगों का कहना था कि निर्माण से पहले कोटा रोड आरओबी की डिजाइन व ड्राइंग में विवेकानंद पार्क के अलावा कृषि उपज मंडी रोड को जोडऩे की थी। जिसे एक बड़े व्यापारी के हित मंडी रोड की ओर नहीं उतारा गया। ऐसे में झालावाड़ रोड के आरओबी के निर्माण में बदलाव की गुंजाइश बनी हुई है तथा इसके चलते कार्य रोक दिया गया है।
अब रेलवे बनाएगा तीन पिल्लर
इस आरओबी की कुल लागत लगभग ३४ करोड़ रुपए अनुमानित है। इसमें आधा हिस्सा राज्य सरकार व आधा हिस्सा रेलवे विभाग वहन करेगा। राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एण्ड कंसट्रक्शन कार्पोरेशन (आरएसआरडीसी) को इसकी निर्माण एजेंसी बनाया गया है, जिसने अब संवेदक के माध्यम से निर्माण की आरम्भिक प्रक्रिया शुरू कराई है। इस ओवर ब्रिज के निर्माण में ३ पिएर (पिलर) का निर्माण रेल विभाग खुद कराएगा।
-झालावाड़ रोड पर आरओबी के निर्माण के लिए पायल टेस्ट किया गया था। इसके लिए संवेदक ने गड्ढे खुदवाए थे। जिन्हें अब समतल कर दिया है। यह इसलिए किया गया है कि अब पिल्लरों के निर्माण के लिए उच्चस्तरीय तकनीक से खुदाई की जाएगी। इसके लिए सड़क को समतल कराना आवश्यक था। आरओबी का निर्माण शुरू हो गया है तो इसे बंद करने का तो सवाल ही नहीं है।
जेपी गुप्ता, सहायक अभियंता आरएसआरडीसी, झालावाड़