
प्रतीकात्मक तस्वीर
राजस्थान सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करने की घोषणा की है। अब सेविंग बॉण्ड की राशि एक लाख के बजाय डेढ़ लाख रुपए दी जाएगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में अतिकुपोषित बच्चों को प्रदान किए जाने वाले दूध की मात्रा को भी 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम प्रति पैकेट किया गया है।
बता दें कि इस लाडो प्रोत्साहन योजना (Lado Protsahan Yojana) में लाभ लेने के लिए जाति, धर्म, वर्ग या आय सीमा की कोई पाबंदी नहीं है। राजस्थान में कहीं भी जन्म लेने वाली बेटी इस योजना के तहत पात्र मानी जाएगी। प्रसूता (मां) राजस्थान की मूल निवासी हो और बेटी का जन्म किसी राजकीय चिकित्सा संस्थान या जननी सुरक्षा योजना से अधिस्वीकृत प्राइवेट हॉस्पिटल में हुआ हो। तभी जन्म लेने वाली बेटी को योजना का लाभ मिल सकेगा। यह आर्थिक सहायता सात किश्तों में दी जाएगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह घोषणाएं बजट 2025-2026 के वित्त एवं विनियोग विधेयक चर्चा के दौरान की। उनका कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य मातृ और बाल स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है। खासतौर पर अति गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या को कम करने के लिए यह कदम आवश्यक है।
1- प्रसूता का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य।
2- बच्ची का जन्म सरकारी या सरकार से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना अनिवार्य।
3- बच्ची का जन्म 1 अगस्त 2024 और इसके बाद का होना जरूरी।
4- सभी आवश्यक दस्तावेज होने अनिवार्य।
5- सरकारी वेबसाइट https://wcd.rajasthan.gov.in/home में मिलेगी जानकारी।
लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी और पशु सखियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए टेबलेट के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत हर ब्लॉक में उत्कृष्ट काम करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित करने का प्रस्ताव है, जिससे उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके।
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महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी के लिए 1.5 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था की गई है। ये सभी घोषणाएं महिलाएं और बच्चों के विकास को प्राथमिकता देने के लिए की गई हैं, जिससे राज्य में समग्र विकास को साकार किया जा सके।
Published on:
19 Mar 2025 02:38 pm
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