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अब पुराना पोषाहार, लगाएगा नैया पार

बारां. राज्य सरकार ने एक बार कुपोषण पर नियन्त्रण के लिए पौष्टिक पोषाहार सामग्री में बदलाव किया है और करीब चार वर्ष पूर्व तक कुपाषित बच्चों का वजन बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ रखने के लिए पूरक पोषाहार के रूप में एनर्जी डेन्स न्यूट्रिशियन सप्लीमेंट (इएनपीएस) पर भरोसा दिखाते हुए उसे क्रय करने के आदेश जारी कर दिए है।

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अब पुराना पोषाहार, लगाएगा नैया पार

अब पुराना पोषाहार, लगाएगा नैया पार

बारां. राज्य सरकार ने एक बार कुपोषण पर नियन्त्रण के लिए पौष्टिक पोषाहार सामग्री में बदलाव किया है और करीब चार वर्ष पूर्व तक कुपाषित बच्चों का वजन बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ रखने के लिए पूरक पोषाहार के रूप में एनर्जी डेन्स न्यूट्रिशियन सप्लीमेंट (इएनपीएस) पर भरोसा दिखाते हुए उसे क्रय करने के आदेश जारी कर दिए है। यह पैकेट््स अगले सप्ताह बारां पहुंच जाएंगे। बाद में इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कुपोषित बच्चों के साथ उनके परिजनों को बुला वितरित किया जाएगा। परिजनों को इस पोषण सामग्री के बच्चों के देने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सम्पतराज मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने जिले व प्रदेश में कुपोषण पर नियन्त्रण के लिए कई तरह की गतविधियां संचालित की हुई हंै। लेकिन बच्चों की उचित देखभाल नहीं होने से वे कुपोषण की चपेट में आ जाते हैं। बारां जिले में वर्तमान में नया सवेरा कार्यक्रम संचालित कर कुपोषण के उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत प्रथम चरण का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसमें 1383 कुपोषित व 404 अतिकुपोषित बच्चे चिन्हित हुए हैं। इनका उपचार भी किया जा रहा है। लेकिन कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए उचित पोषाहार आवश्यक होता है। वर्तमान में इन बच्चों का पूरक पोषाहार दिया जा रहा है। लेकिन अब सरकार ने पोषाहार में बदलाव का निर्णय कर नए क्रय आदेश जारी कर दिए हैं।
दिल्ली से आएंगे इएनपीएस के पैकेट््स
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 तक कुपोषित बच्चों को पोषाहार के रूप में इएनपीएस के पैकेट््स दिए जा रहे थे। बाद में इनके स्थान पर दूसरा पोषाहार दिया जाने लगा था। लेकिन इसके परिणाम अच्छे नहीं आने से सरकार ने फिर से कुपोषित बच्चों इएनपीएस के पैकेट््स वितरित करने का निर्णय कर दिल्ली की निर्मामा कम्पनी को भेज दिया था। ऐसे में पूरक पोषाहार के यह पैकेट््स अगले सप्ताह तक बारां पहुंच जाएंगे तथा इनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नागर ने बताया कि कुपोषित बच्चों के वजन व माप के अनुसार पूरक पोषाहार दिया जाएगा। इस दौरान उनके स्वास्थ्य की जांच भी की जाती रहेगी। इन बच्चों को चार से आठ सप्ताह तक नया सप्लमेंट (पूरक पोषाहार) रूप के किया जाएगा। उनके सवस्थ होने के बाद स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री देने के लिए परिजनों को प्रेरित करेंगे।
- जिले में कुपोषण पर नियन्त्रण के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। नया पूरक पोषाहार भी विशेषज्ञों की सलाह अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में किशनगंज व शाहाबाद उपखंड में तीन टीमें कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए सर्वे कर रही है। नए पूरक पोषाहार के पैकेट््स 20 जुलाई तक बारां पहुंच जाएंगे। इसके बाद इनका वितरण किया जाएगा।
नरेन्द्र गुप्ता, जिला कलक्टर, बारां