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हे सरकार ! अब तो पड़ जाएगी ना पार

बारां. सरकार ने एक बार फिर से शहर के पटरीपार (तेलफैक्ट्री क्षेत्र) के लोगों की आस को आसरा देने की कोशिश की है। चार दिन पूर्व सरकार की नोडल एजेंसी आरएसआरडीसी ने झालावाड़ रोड रेलवे फाटक 38 पर ओवरब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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बारां

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Ghanshyam Dadhich

•

Updated: 11 Jul 2022, 6:45 PM IST

हे सरकार ! अब तो पड़ जाएगी ना पार

हे सरकार ! अब तो पड़ जाएगी ना पार

बारां. सरकार ने एक बार फिर से शहर के पटरीपार (तेलफैक्ट्री क्षेत्र) के लोगों की आस को आसरा देने की कोशिश की है। चार दिन पूर्व सरकार की नोडल एजेंसी आरएसआरडीसी ने झालावाड़ रोड रेलवे फाटक 38 पर ओवरब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह तीसरी बार है जब इस ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किए गए है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को अब भी इसके निर्माण को लेकर संदेह है।
आरएसआरडीसी ने गत 5 जुलाई को राज्य सरकार के हिस्से में निर्माण के लिए 10 करोड़ 94 लाख 21 हजार रुपए की निविदा जारी की है। इसे भरकर विभाग की साइट पर डाउनलोड करने की तिथि 7 से 26 जुलाई तक निर्धारित की गई है। निविदा पूर्व बैठक का आयोजन परियोजना निदेशक कार्यालय झालावाड़ में 15 जुलाई को सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है। निविदा 27 जुलाई को सुबह 11 बजे खोली जाएगी। निविदाओं की तकनीकी बिड से संतुष्ट होने के बाद इसकी वित्तीय बिड खोली जाएगी। यह कार्यालय प्रदेश मुख्यालय के उच्चाधिकारियों की देखरेख में होगा और यदि निविदा टेंडर शर्तों के अनुरूप रही तो अगले 15 दिनों में कार्यादेश जारी कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
रेलवे करा रहा अपने हिस्से का निर्माण
दूसरी ओर यह आरओबी रेलवे के पिंक प्रोजेक्ट का हिस्सा होने से रेलवे के अभियान्त्रिकी विभाग ने रेलवे की सीमा में तीन पिएर (पिल्लर) का निर्माण कार्य शुरू कराया हुआ है। इनमें एक पिएर तो अब ऊंचा नजर आने लगा है। तीनों पिएर के निर्माण के बाद रेलवे की ओर से इन पर स्लैब डाल दी जाएगी। इसके बाद रेलवे का कार्य लगभग पूरा हो जाएगा।
34 करोड़ 50 लाख रुपए की है लागत
आरएसआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार इस आरओबी के निर्माण में कुला 34 करोड़ 50 लाख रुपए का व्यय का प्रावधान किया हुआ है। इसमें केन्द्र सरकार के रेल मंत्रालय व राज्य सरकार की भगीदारी है। अभी जो निविदाएं जारी की गई हैं। वे प्रथम चरण के आवश्यक कार्य के लिए है। बाद में कार्यअनुसार राशि बढ़ाई जा सकेगी।
-दूसरी बार इसके निर्माण के लिए अधिकृत एजेंसी से पैनल्टी वसूली जाएगी। लेकिन यह अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय की जा सकेगी। उम्मीद है कि तीसरी बार की टेंडर प्रक्रिया के बाद अगस्त माह के अन्त तक कार्य शुरू हो जाएगा।
-अंकित बिंदल, परियोजना अधिकारी, आरएसआरडीसी झालावाड़