बारां. सहकारी क्षेत्र में जिले का सबसे बड़ा बारां नागरिक सहकारी बैंक कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। राजस्थान सरकार कर्मचारी भर्ती के नियम-कायदों की जकडऩ में आए इस बैंक का संचालन संविदा कर्मियों के सहारे करना पड़ रहा है। 408.25 करोड़ की कार्यशाील पूंजी वाले इस बैंक के विस्तार को लेकर सरकार पूरी तरह उदासीन है। जबकि जिले का यह एकमात्र ऐसा बैँक है, जो लगातार मुनाफा कमाने के साथ बीत दो-तीन बरसों से जिले का सबसे बड़ा आयकरदाता होने का गर्व हासिल कर चुका है।
बारां नागरिक सहकारी बैंक की प्रशासनिक विंग के अलावा जिले में आठ शाखाएं हैं। इनमें तीन अकेले बारां शहर में हैं। जबकि अन्ता, मांगरोल, अटरू, छबड़ा व छीपाबड़ौद में एक-एक शाखा है। इन शाखाओं के सुचारू व व्यवस्थित संचालन के लिए लगभग 90 अधिकारी व कर्मचारियों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में बैंक में 28 अधिकारी, कर्मचारी स्थायी रूप से सेवारत हैं। बैंक शाखाओं के कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए संचालक मंडल ने 28 संविदा कर्मचारी नियुक्त किए हुए हैं। इसके बाद भी सभी शाखाओं में पद रिक्त होने से बैंक का प्रतिदिन का सामान्य कामकाज करना कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।