19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जीवन में तन, मन व धन होना चाहिए पवित्र

मन चंगा तो कठौती में गंगा । मनुष्य के जीवन में तीन चीजें हमेशा पवित्र रहने चाहिए। तन पवित्र सेवा किए, मन पवित्र हरि भजन से, और धन पवित्र दान करने से होगा। तब जाकर प्रेम ही प्रेम होगा ।

2 min read
Google source verification
baran

Organizing Bhagwat Katha

भंवरगढ़. मन चंगा तो कठौती में गंगा । मनुष्य के जीवन में तीन चीजें हमेशा पवित्र रहने चाहिए। तन पवित्र सेवा किए, मन पवित्र हरि भजन से, और धन पवित्र दान करने से होगा। तब जाकर प्रेम ही प्रेम होगा । यह विचार गुरुवार को क्षेत्र के परानियां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत गीता के तीसरे दिन वाचन के दौरान पंडित भैयालाल शास्त्री ने व्यक्त किए। शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को हमेशा सत्य कर्म करने चाहिए। सत्संगी भगवान का घर है । गुरुवार को कथा में वामन अवतार सहित अन्य प्रसंगों का जीवंत वर्णन किया । बीच बीच में भगवान के भजन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो नाच उठे । जानकारी के अनुसार यहां चल रही भागवत कथा मेंैं आसपास क्षेत्र के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंच धर्म लाभ ले रहे हैं । गुरूवार को खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने भी कथा स्थल पहुंच कर कथावाचक पंडित भैयालाल शास्त्री से आशीर्वाद लिया ।
निर्माणाधीन सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर निर्माण के लिए एक लाख रुपए भाया परिवार की ओर से देने की घोषणा की। इस अवसर पर परानिया के ग्रामीणों द्वारा मुख्य यजमान वरिष्ठ अध्यापक बलराम सहरिया एवं विधायक निर्मला सहरिया की अगुवाई में मंत्री भाया, प्रधान सेवा राम मीणा ,उप प्रधान रामहेत मीणा ग्राम सरपंच धर्मराज चौधरी का माल्यार्पण कर साफ ा बंधवा कर स्वागत किया गया। ज्ञात हो कि गत तीन वर्ष की भांति ग्राम वासियों के तत्वावधान में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ग्रामीण बढ़.चढ़कर भाग ले रहे हैं।
समय पर त्याग देना चाहिए मोह माया का भ्रम
हरनावदाशाहजी. व्यक्ति को जीवन में मोह माया का भ्रम समय पर त्याग देना चाहिए। कस्बे में एक मैेरिज हॉल में चल रहे संगीतमय भागवत कथा में कथावाचन करते हुए कथावाचक राजेश मोहन शास्त्री ने विभक्त आश्रम की व्यवस्थाओं को समझाते हुए कहा ंकि उम्र के एक पड़ाव के बाद ठेकेदारी करना नुकसान देही होता है चाहे वो रिश्तों की लिहाज से हो या फिर अन्य किसी लिहाज से। उन्होंने कहा कि बुढापे में चाबियों का गुच्छा छोड़ देना चाहिए। क्योंकि सस्पेंड होने से इस्तीफा देना ज्यादा भला काम होता है। उन्होंने कहा कि जांहि विधि राखे राम ताहि विधि रहना चाहिए..। कथा के दौरान उन्होंने वामन अवतार के साथ विभिन्न कथा प्रसंग सुनाए। बाद में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का कथा वृत्तांत भी सुनाया। इस मौके पर बाल कृष्ण की आकर्षक झांकी भी सजाई। जन्मोत्सव के दौरान जहां पांडाल को आकर्षक पुष्प सज्जा व गुब्बारों से सजाया तो वहीं भजनों पर महिला पुरुष श्रृद्धालु जमकर नाचे। बाद में प्रसादी वितरण भी हुआ। कथा सुनने बडी संख्या में लोगों की भीड़ पंहुच रही है। समापन 3 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ होगा।