अंता. पुलिस ने पंडित हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी अपराध की दुनिया में खुद को क्षेत्र का डॉन बनाना चाह रहे थे। मतृक से उनकी किसी भी प्रकार की रंजिश नहीं थी। आरोपियों में दीपक महावर पुत्र मुरारी लाल महावर 19 साल निवासी खवासपुरा अंता , हेमंत सुमन पुत्र धन्ना लाल सुमन उम्र 20 साल निवासी गुलाब बाड़ी अन्ता है। गत अप्रेल को कस्बा निवासी मृतक पंडित राधेश्याम शर्मा लक्ष्मीनारायण महावर की लड़की की शादी करा कर वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में दो अज्ञात लोगों ने उन डंडे से हमला किया था। जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े थे, बाद में कोमा में चले गए थे। कोटा में उपचार दौरान उनकी मौत हो गई थी।
जुर्म की दुनिया में जमाना चाहते थे बादशाहत
पुलिस को पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी पंडित राधेश्याम से कोई दुश्मनी नहीं थी। वे तो जुर्म की दुनिया में अपना नाम बना दहशत फैलाना था। वे कस्बे में पहले भी छोटी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। लेकिन इनके खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से इनके हौसलें बुलंद होते रहे।
सीसीटीवी फुटेज ही रहा जांच मुख्य आधार
पुलिस के पास हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए मुख्य रूप से सीसीटीवी फुटेज की मुख्य आधार रहा। उसमें दिखे फुटेज से ही इनकी पपहचान हुई। पुलिस टीमों ने वारदात स्थल के अलावा अन्य कई कैमरों से भी फुटेज जुटाए थे। पुलिस की तकनीकी टीमों ने इनकी गहराई से पड़ताल तथा दोनों आरोपी युवकों के बारे में जानकारी जुटाई। एसपी व एएसपी ने किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी ने आमजन से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हेलमेट बहुत आवश्यक है। हेलमेट हमें दुर्घटनाओं के अलावा भी हमें मौसम की मार से भी बचाता है। वही आज के समय को देखते हुए आमजन को आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए जागरूक होते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाना बहुत जरूरी हो गया है। एसपी चौधरी व एएसपी जिनेन्द्र जैन ने वारदात के खुलासे की जानकारी दी।
इन पुलिस टीमों का रहा सहयोग
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जिनेंद्र कुमार जैन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारा ने निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक अन्ता तरुणकांत सोमानी के नेतृत्व में राम लक्ष्मण गुर्जर पुलिस थानाधिकारी अंता, सत्येंद्र सिंह हैड कांस्टेबल साइबर सेल, धर्मेंद्र, रामलाल, सत्यवीर, और मनीष चौधरी की टीम गठित की थी। कस्बे के सीसीटीवी कैमरे खराब
कस्बे में बढ़ रही आपराधिक घटना को देखते हुए कस्बे में मुख्य जगहों पर कैमरे लगवाए गए थे, लेकिन यहां की जिम्मेदारों के उदासीन रवैये के चलते यहां कई महीनों से कैमरे खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे है।