
परवन वृह्द सिंचाई परियोजना : किसानों को जमीन के मुआवजे का इंतजार
नहरों की ड्राइंग को मंजूरी नहीं, अब 2022 में पूरा होगा कार्य
बारां. हाड़ौती संभाग के बारां, झालावाड़ व कोटा जिलों की 2 लाख एक हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने व 1821 गांवों की प्यास बुझाने वाली परवन वृह्द सिंचाई परियोजना अब धीरे-धीरे अपना आकार लेने लगी है। बीते अप्रेल माह में राज्य सरकार ने परियोजना के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे, हालांकि यह राशि अब भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, लेकिन इससे परियाजना स्थल पर चल रहे बांध व टनल निर्माण के कार्यों को थोड़ी तो गति मिली है। निविदा शर्तों के अनुसार इस परियोजना का काम मई 2021 में पूरा होना था, लेकिन बीच में काम की गति धीमी पडऩे समेत अधिकांश प्रस्तावित कार्य शुरू नहीं होने से आधिकारिक सूत्र अब इसका लाभ 2022 में मिलने की उम्मीद जताने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि परियोजना की दोनों नहरों की ड्राइंग व डिजायन का काम भी अब अन्तिम चरण में है। इनकी स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए भी पहले किसानों को मुआवजा देना होगा। इस परियोजना की कुल लागत 7 हजार 355 करोड़ रुपए निर्धारित है।
पांच किलोमीटर तक टनल का निर्माण पूरा
जल संसाधन विभाग परवन वृह्द सिंचाई परियोजना झालावाड़ के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि परियोजना की बारां की ओर आने वाल दायीं मुख्य नहर से बांध को ८.७० किमी टनल (सुरंग) से जोडक़र पानी पहुंचाया जाना है। अब तक ४.९५ किमी टनल का काम पूरा हो गया है। इसका शेष कार्य भी अब जल्द पूरा हो जाएगा।
दाईं नहर ९३ व बाईं 41 किमी की होगी
परियोजना से सिंचाई व पेयजल के लिए दो नहरें निकाली जाएगी, इनकी कुल लम्बाई 142 किलो मीटर की होगी। बारां जिले की ओर आने वाली दायीं मुख्य नहर की लम्बाई 93 किमी लम्बी होगी तो झालावाड़ व कोटा जिले में पहुंचने वाली बायीं मुख्य नहर की लम्बाई 49 होगी।
किसानों के मुआवजे के लिए नहीं है बजट
इन दोनों नहरों के निमार्ण से पूर्व किसानों को मुआवजा दिया जाना है, इसके लिए धारा 11 व 12 के तहत कार्रवाई जारी है। सूत्रों के अनुसार अभी किसानों को करीब 280 करोड़ रुपए का मुआवजा देना है, लेकिन इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं है। किसान विभाग के झालावाड़ स्थित कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। इससे नहरों के निर्माण के लिए जमीन अधीग्रहीत नहीं हो रही। विभाग के सूत्रों का कहना है बांध व टनल स्थल से दोनों नहरों के लिए ढाई से तीन हैक्टेयर जमीन विभाग के अधीन होने से निर्माण की प्रक्रिया तो शुरू की जा सकती है।
नहरों में पचास जगह लिफ्ट करेंगे पानी
परियोजना के लाभान्वित क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए दोनों नहरों पर ५० से अधिक लिफ्टें लगाई जाएंगी। इनमें दायीं मुख्य नहर में लगभग ३२ व बायीं मुख्य नहर में १८ से अधिक लिफ्ट लगाई जाएंगी। इनके माध्यम से नहरों के जलप्रवाह की गति बढ़ेगी। हालांकि अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोनों नहरों की डिजायन व ड्राइंग मंजूर होने के बाद ही लिफ्टों के निर्माण की स्थिति साफ हो पाएगी।
& जमीन अधीग्रहण, मुआवजा, नहरों की डिजायन व ड्राइंग समेत सभी प्रक्रियाएं एक साथ चल रही है। जैसे-जैसे यह क्लीयर होती जाएंगी, वैसे-वैसे काम शुरू होता चला जाएगा। चुनाव आचार संहिता के चलते पर्याप्त मात्रा में बजट नहीं मिल रहा, लेकिन यह हालात भी कुछ दिनों बाद बदल जाएंगे। बांध व टनल के निर्माण कार्य तो चल ही रहे हैं।
अजय त्यागी, अधीक्षण अभियंता, परवन वृहद सिंचाई परियोजना खंड झालावाड़
Published on:
12 May 2019 08:57 pm
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