
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, 5300 उपभोक्ता-एक लिपिक, कई पद खाली
अन्ता. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग उपखण्ड कार्यालय अन्ता में कई पद खाली होने से कामकाज प्रभावित होने लगा है। इस विभाग के अधीन अन्ता तथा मांगरोल में लगभग 5300 उपभोक्ता हैं। लेकिन गत् 9 साल से अन्ता में वरिष्ठ सहायक एवं कनिष्ठ सहायक का पद रिक्त है। वहीं पदोन्नति होने के कारण एक साल पहले गए कनिष्ठ अभियंता अन्ता की जगह भी अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई। इसी तरह मांगरोल कार्यालय का भार संभाल रहे एकमात्र स्टोर मुंशी की 31 जनवरी 2022 को पेंशन हो जाने से यह पद भी रिक्त पड़ा है। ऐसे में हालात यह हैं कि पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं के खातों का मिलान करने सहित सारे डिवीजन का वेतन आहरण एवं कार्यालय की अन्य कागजी कार्यवाही का जिम्मा अन्ता में केवल एक लिपिक के जिम्मे है। लम्बे समय से चल रही इस स्थिति की ओर अब तक किसी जन प्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
-जल आपूर्ति का काम संविदा पर दे दिए जाने से सेवा निवृत्त हो रहे तकनीकी कर्मचारियों की जगह अब किसी को नहीं लिया जा रहा। लेकिन विभागीय लेखा जोखा की देखरेख करने वाले मंत्रालयिक स्टाफ के पद खाली हैं।
एमबी मीणा, सहा.अभियंता,जन स्वा.अभि.विभाग, उपखण्ड अन्ता
एक बीघा में लगभग 13 से 14 ङ्क्षक्वटल तक उत्पादन
बडग़ांव. कस्बे के किसान रामरतन मालव ने 15 बीघा में देसी किस्म के लहसुन की खेती की है। किसान ने 15 बीघा में 18 ङ्क्षक्वटल लहसुन की बुवाई की थी। लहसुन की बुवाई से पहले किसान ने जमीन कि 4 बार हंकाई की थी। 15 बीघा में किसान ने 3 कट्टे यूरिया और 7 कट्टे डीएपी खाद उर्वरक के रूप में डाला। पहली ङ्क्षसचाई के बाद खरपतवारो की रोकथाम के लिए निराई गुड़ाई करवाई थी। लहसुन की जड़ों को रोग से बचाने के लिए कीटनाशक का प्रयोग किया है। दूसरी ङ्क्षसचाई किसान ने लगभग 8 से 10 दिन के अंतराल में की है। दूसरी ङ्क्षसचाई में किसान ने ङ्क्षजक, पोटाश आदि उर्वरकों का भी प्रयोग किया है। मनीष मालव ने बताया कि देसी किस्म के लहसुन एक बीघा में लगभग 13 से 14 ङ्क्षक्वटल तक उत्पादन हो जाता है। पिछले 2 साल से लहसुन का भाव नहीं मिलने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। लेकिन इस बार किसानों को लहसुन का अधिक भाव मिलने की उम्मीद है।
Published on:
11 Apr 2022 06:22 pm
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