
damage
बारिश में घंटों तक थमी रहती है राह ,अंतरराज्यीय रास्ता भी होता है बाधित
तीन दर्जन गांवों के बाशिंदे होते हैं प्रभावित
मांगरोल. दो राज्यों की सीमा व बारां जिले की दो विधानसभा क्षेत्र के बीच सेतू का काम कर रहा अंतरराज्यीय पुल अभी तक भी ऊंचा नहीं हुआ है। रियासतकालीन जमाने के इस रास्ते पर पहले रोड भी नहीं था। गत दस वर्ष पूर्व रोड तो बन गया, लेकिन रामगढ़ रोड पर स्थित पार्वती नदी पर पुल आज भी रियासत के जमाने का ही है। बरसात के दिनों में पार्वती नदी जब उफान पर रहती है तो पुलिया नीची होने से इस पर पानी का भराव रहता है। ऐसे में पुलिया से पानी थमने तक ग्रामीणों के कदम रूक जाते है। रोड बनने के साथ ही पुलिया की ऊचाई न बढऩे से ग्रामीणों को मलाल है। बरसात के दिनों में इस नदी में बजरी भी पानी के साथ बहकर आती हैं। ऐसे में अवैध खनन करने वालों की चांदी हो जाती है।
अंतरराज्यीय सीमा से जुड़ा है मार्ग
रामगढ़ रोड पर बनी पुलिया राजस्थान व मध्यप्रदेश की सीमाओं को जोडऩे का काम करता है। बरसात के दिनों में पुलिया पर पानी का भराव रहने पर मध्यप्रदेश के गांवों से आने वाले लोगों को भी इससे तकलीफ उठानी पड़ती हैं।
आएंगे सैलानी
रामगढ़ भंडदेवरा के कारण ऐतिहासिक स्थल तो है ही यहां माता कृष्णाई व अन्नपूर्णा का पहाड़ी पर मंदिर भी हैं। इसके अलावा रामगढ़ क्रेटर के रुप में विश्व मानचित्र पर भी दर्ज हो चुका है। ऐसे में इस स्थान का महत्व भी बढ़ गया। राष्ट्रीय व अंतररष्ट्रीय महत्व के कारण यहां भविष्य में देश विदेश के लोगों की आवाजाही भी बढ़ेगी।
इनका भी ध्यान नहीं
किशनगंज व अंता विधानसभा क्षेत्र के लोगों की आम जरुरत से जुड़ी इस पुलिया की हालत सुधारने में जन प्रतिनिधियों का भी ध्यान नहीं हैं। किशनगंज में विधायक ललित मीणा व अंता में विधायक प्रभुलाल सैनी सतारुढ़ सरकार के प्रतिनिधि हैं।
Published on:
19 Jun 2018 07:59 pm
बड़ी खबरें
View Allबारां
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
