
बारां जिले में हुई बारिश (फोटो: पत्रिका)
Baran Rain: बारां के देवरी कस्बे में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और करीब 40 मिनट तक जोरदार बारिश हुई। जिससे सुबह से पड़ रही तेज गर्मी और उमस से लोगों ने राहत ली। वहीं डांग क्षेत्र में अधिक बारिश होने की वजह से चमरउ और पलको नदी में उफान आ गया जिससे पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट पानी की वजह से मार्ग अवरुद्ध रहा। इस बारिश की वजह से किसानों की फसलों की बुवाई भी हो सकती है। अभी तक देवरी बीलखेड़ा माल क्षेत्रों में अभी तक किसी भी किसान ने अपने खेतों में फसलों की बुवाई नहीं की लेकिन इस बारिश से किसानों को आस बंधी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। इसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में आगामी 5-6 दिन मानसून सक्रिय रहेगा। कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर जिलों में और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 6 से 9 जुलाई के बीच दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
कोटा शहर में मानसून सक्रिय हो गया है। रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और सुबह-शाम कई क्षेत्रों में छितराई बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि बारिश के बाद भी उमस और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन बढ़ी हुई नमी के कारण उमस ने लोगों को परेशान किए रखा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मेघगर्जन के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कोटा जिले के जगपुरा क्षेत्र में सुबह करीब 9 बजे मौसम ने करवट ली और लगभग 30 मिनट तक रिमझिम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिली। अरण्डखेड़ा क्षेत्र में करीब 20 मिनट की तेज बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। गलाना और भगवानपुरा क्षेत्र में सूख रही सोयाबीन की फसलों को बारिश से जीवनदान मिला। कैथून क्षेत्र के भांडाहेड़ा में करीब पौने घंटे तक तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर पानी बह निकला।
झालावाड़ जिले के कई हिस्सों में बारिश का दौर रहा। पचपहाड़, झालरापाटन, झालावाड़ और मनोहरथाना क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि उमस से राहत पूरी तरह नहीं मिल सकी। जिले में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बारां जिले में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। किशनगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ बारिश दर्ज की गई। देवरी कस्बे में लगभग 40 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं डांग क्षेत्र में भारी बारिश के कारण चमरउ नदी में उफान आ गया और कई मार्ग अवरुद्ध हो गए।
बारां जिले के केलवाड़ा और हरनावदाशाहजी थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। केलवाड़ा थाना क्षेत्र के हथवारी गांव के समीप शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से युवक सौरभ सहरिया (26) की मृत्यु हो गई। वह खेत पर काम कर रहा था। वहीं, कचनारिया कलां निवासी दिनेश भील (22) रविवार दोपहर को अपनी दादी के साथ खेत पर काम कर रहा था। अचानक बूंदाबांदी के साथ गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वह झुलस गया। परिजन उसे चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में मृतक की दादी को भी बिजली के झटके लगे। मोतीपुरा निवासी कमल सिंह मीणा (40) की भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने मौत हो गई।
Updated on:
06 Jul 2026 09:44 am
Published on:
06 Jul 2026 09:40 am
