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तेजी से दौड़ेगी सहरियाओं के जीवन की गाड़ी, …जब 100 लोगों पर होगी एक आंगनबाड़ी

प्रदेश में बारां जिले की सहरिया आबादी के लिए बदल गए नियम, प्रभावी निगरानी में देंगे पोषण, मिटाएंगे कुपोषण का दंश

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बारां

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Mukesh Gaur

Feb 02, 2024

तेजी से दौड़ेगी सहरियाओं के जीवन की गाड़ी, ...जब 100 लोगों पर होगी एक आंगनबाड़ी

तेजी से दौड़ेगी सहरियाओं के जीवन की गाड़ी, ...जब 100 लोगों पर होगी एक आंगनबाड़ी

सरकार की ओर से सहरिया जनजाति क्षेत्र में 100 लोगों की आबादी पर एक आंगनबाड़ी केन्द्र खोला जा रहा है। संभवत: प्रदेश में बारां के अलावा किसी भी जिले में नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के लिए इस तरह के मापदंड नहीं हैं। 100 लोगों की आबादी पर एक आंगनबाड़ी केन्द्र होने से आदिवासी सहरिया जनजाति समुदाय को आंगनबाड़ी केन्द्र की और अधिक बेहतर सेवाएं मिलेगी। स्वास्थ्य देखभाल और पोषण वितरण व्यवस्था पर विशेष निगाह रहेगी। समय पर पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण पोषण मिलगा तो समुदाय में कुपोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। महिला एवं बालविकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के बारां जिले में वर्तमान में 0 से 5 वर्ष तक के करीब 3145 बच्चे कुपोषित है तथा करीब 637 बच्चे अतिकुपोषित चिन्हित है। इनमें सबसे अधिक सहरिया बाहुल्य क्षेत्र किशनगंज ओर शाहाबाद ब्लॉक में ही है।

इस तरह मिली बारां जिले को सौगात

दरअसल भारत सरकार के केन्द्रीय बजट भाषण 2023.24 में की गई घोषणा अनुसार विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजीएस) की सामाजिक. आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया गया है। योजना के तहत 9 मंत्रालयों की 11 प्रमुख गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत बारां जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदिवासी सहरिया बाहूल्य क्षेत्र किशनगंज व शाहाबाद ब्लॉक में नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जा रहे हैं। आदेशों की पालना में सर्वे कर 12 नए आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए थे। फिलहाल इन केन्द्रों के भवन का बंदोबस्त तो नहीं हुआ है, लेकिन नजदीक के आंगनबाड़ी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर स्वीकृत केन्द्रों को शुरू कर दिया गया है।

इन बस्तियों में खुलेंगे

योजना के तहत तालुका किशनगंज की गोपालपुरा ग्राम पंचायत में डांडी बटका बस्ती, लहरूनी ग्राम पंचायत में लहरूनी सहरिया बस्ती, बकनपुरा में पगारा डूंडा तथा तालुका शाहाबाद की छीपोल पंचायत में छीपोलघाट व मानपुरा (मंडी सहजना) नीमड़ी (मंडी सहजना) सहराना बस्ती (कस्बाथाना) महुआखेड़ी (आगर), रानीपुरा (मझारी), अहेड़ा (ठीकवानी), देवरी वीरान (महोदरा) एवं तालुका बारां में छगरा (मंडोला) में नए आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े

केन्द्र खोलने के मापदंड आबादी
शहरी क्षेत्र में मुख्य आंगनबाड़ी 1000
मिनी केन्द्र 400
ग्रामीण क्षेत्र मुख्य आंगनबाड़ी 400-800
ग्रामीण क्षेत्र मिनी 300

0-5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण

ब्लॉक कुपोषित अति

अन्ता 325 04
अटरू 31 24
बारां 133 13
छीपाबड़ौद 06 06
किशनगंज 1324 343
शाहाबाद 1326 247
जिले में कुल 3145 637

100 लोगों की आबादी पर आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के मापदंड प्रदेश में अकेले बारां जिले में ही लागू किए गए हैं। यहां भी केवल आदिवासी सहरिया जनजाति की आबादी बस्ती के लिए है। योजना के तहत स्वीकृत किए 12 आंगनबाड़ी केन्द्रों को विभागीय भवनों में संचालित किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों से भूमि के पट्टे जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
रवि मित्तल, सीडीपीओ, आईसीडीएसए (किशनगंज-शाहाबाद ब्लॉक)