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यहां बस यात्रियों से हो रहा दोयम दर्जे का व्यवहार

नागरिकों को नहीं मिल रही बस सुविधा, ज्यादातर हाईवे से ही निकलती हैं
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 22 Nov 2021, 10:42 PM IST

यहां बस यात्रियों से हो रहा दोयम दर्जे का व्यवहार

यहां बस यात्रियों से हो रहा दोयम दर्जे का व्यवहार

अन्ता. यहां के नागरिक बस एवं रेल सुविधाएं नगण्य हो जाने के कारण वैसे ही परेशान हैं। वहीं ऊपर से अब इन्हें बेइज्जत ओर किया जा रहा है। विशेषकर बारां से आने वाली लोक परिवहन की बसों में ऐसे वाकये रोज होने से यात्री आक्रोशित हैं।
ऐसे कई लोगों ने बताया कि बारां से अन्ता होकर जाने वाली बस में सीट उपलब्ध कराने की प्राथमिकता कोटा तक जाने वाले यात्रियों को मिलती है। इस बीच बस परिचालक अन्ता की सवारियों को एक ओर खड़ा होने की बोल देता है। आखिर में जब बस चलने लगती है तो अन्ता आने वाले यात्रियों को बस में चढऩे की अनुमति मिलती है। ऐसे में पूरा किराया देने के बावजूद बस में खड़े रहकर आना लोगों की मजबूरी बन गया है। जबकि रोडवेज एवं उससे अनुबंधित बसों में लोकल मार्गोंं पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ही सीट मिलने का नियम है। परिचालकों की मनमानी एवं अधिकारियों-जन प्रतिनिधियों की अनदेखी से अन्ता की जनता बस से दूर खड़े रहने का अपमान सहने सहित खड़े-खड़े यात्रा कर रही है। पढ़ाई, कोचिंग, अध्यापन कार्य, नौकरी आदि के लिए अन्ता से बारां तक प्रतिदिन दर्जनों लोग जाते हैं। इनमें युवतियां तथा महिलाएं भी शामिल हैं। जिनका कहना है कि ऐसे परिचालकों को पाबंद कर यात्रियों के अपमान की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

यह तो 'कोढ़ में खाज'
यूं तो अधिकांश बसें अन्ता में आती ही नहीं। बस चालक इन्हें हाइवे से सीधे कोटा एवं बारां की ओर ले जाते हैं। वहीं बस में जगह होने पर अन्ता की सवारी को बिठा भी लिया तो कस्बेे से एक-डेढ़ किमी दूर बमोरी अथवा बरखेड़ा तिराहे पर ही उतार दिया जाता है। जहां से अन्ता तक आने को कोई साधन भी उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में वजनी सामान के साथ हांफते यात्री यहां बड़ी मशक्कत से पहुंचते हैं। कस्बे के यात्री तो पूर्व सूचना देकर परिजनों को कोई साधन ले हाइवे किनारे बुला लेते हैं। लेकिन अनजान यात्रियों के लिए अन्ता की यात्रा दुख:दायी साबित हो रही है। विशेषकर रात्रि को यह समस्या अधिक सालती है। इसके लिए कई बार अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी किन्तु नतीजा अब तक ढाक के तीन पात है।