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व्याख्याता पदोन्नति में किसी भी विषय में स्नातकोत्तर वरिष्ठ शिक्षक होंगे शामिल

असमान विषयों की डिग्री के चलते वरिष्ठ अध्यापकों के राजपत्रित अधिकारी व्याख्याता बनने के सपने की राह का रोड़ा अब दूर हो गया है। राज्य सरकार ने सेवा नियमों में शिथिलता बरती है। ऐसे में सैकड़ों वरिष्ठ अध्यापक अब व्याख्याता की पदोन्नति के पात्र हो जाएंगे।

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बारां

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Mukesh Gaur

Feb 16, 2024

व्याख्याता पदोन्नति में किसी भी विषय में स्नातकोत्तर वरिष्ठ शिक्षक होंगे शामिल

व्याख्याता पदोन्नति में किसी भी विषय में स्नातकोत्तर वरिष्ठ शिक्षक होंगे शामिल

बारां/कोयला. असमान विषयों की डिग्री के चलते वरिष्ठ अध्यापकों के राजपत्रित अधिकारी व्याख्याता बनने के सपने की राह का रोड़ा अब दूर हो गया है। राज्य सरकार ने सेवा नियमों में शिथिलता बरती है। ऐसे में सैकड़ों वरिष्ठ अध्यापक अब व्याख्याता की पदोन्नति के पात्र हो जाएंगे।
यह हैं नियम
वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पद पर पदोन्नति को लेकर डीपीसी होती है। इसमें स्नातकोत्तर में डिग्री को आधार माना जाता है। पहले नियम था कि स्नात्तक उत्तीर्ण, स्नातकोत्तर में किसी भी विषय में डिग्री प्राप्त कर व्याख्याता के लिए पात्र होते थे। पिछली सरकार ने नियम बनाया कि वही वरिष्ठ अध्यापक पात्र होगा जिसने स्नात्तक के तीन विषयों से संबंधित विषयों में ही स्नातकोत्तर किया है। इस नियम से प्रदेश के सैकड़ों वरिष्ठ शिक्षक व्याख्याता बनने से वंचित रह गए। वहीं डीपीसी भी तीन साल से अटक गई। अब राजस्थान शिक्षा (राज्य एवम अधिनस्थ) सेवा नियम 2021 में संशोधन प्रस्ताव की कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इस पर अब स्नात्तक व स्नातकोत्तर में अलग-अलग विषय वाले भी व्याख्याता की पात्रता रखेंगे।
ङ्क्षप्रसीपल बनने का रास्ता भी खुला
वहीं वाइस ङ्क्षप्रसीपल से ङ्क्षप्रसीपल बनने के लिए तीन साल का अनुभव अनिवार्य नियम था। इसे एक बारगी हटाकर शून्य कर दिया है। ऐसे में वर्तमान में जो भी वाइस ङ्क्षप्रसीपल लगे हुए हैं, वो ङ्क्षप्रसीपल की पदोन्नति में शामिल होंगे। इस पर ङ्क्षप्रसीपल के रिक्त पदों पर नियुक्ति होने का रास्ता साफ हुआ है।
नहीं करना होगा तीन साल का इंतजार
वहीं, वाइस ङ्क्षप्रसीपल से ङ्क्षप्रसीपल बनने के लिए भी एकबारीय सेवा अनुभव तीन वर्ष से हटाकर शून्य कर दिया गया है। इन नए नियमों में संशोधन से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति व व्याख्याता के पद पर तीन वर्षो से लंबित पदोन्नितियों का रास्ता साफ होगा।
अब सरकार को चाहिए कि पिछले तीन सत्र में बकाया वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति अतिशीघ्र की जाए। इसके अलावा डीपीसी से पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों मे व्यख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति की जानी चाहिए। इससे क्रमोन्नत विद्यालयों में विद्यार्थी के अध्ययन में फायदा हो सकेगा। प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षक के लिए प्रमोशन का रास्ता खुलेगा।
लोकेश शाक्यवाल, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा