छबड़ा. क्षेत्र में गुरुवार शाम आए आंधी-तूफान से खांकरा, कडैयानोहर सहित कई गांवों में कई कच्चे मकान ढ़ह गए और टीन-टप्पर उड गए। कस्बे के वार्ड 20 में कुशवाह बस्ती में भी 8-10 कच्चे मकान ढहने की सूचना है। तेज हवा से विद्युत पोल व सैकड़ों पेड़ भी धाराशायी हो गए।जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर बाद 4-5 बजे तेज आंधी, तूफान के साथ बारिश हुई। परंतु, कडैयानोहर गांव में आंधी-तूफान पूरे जोरों पर रहा। यहां बाबूलाल मालव की पक्की दीवार ढह गई। गांव के मकानों पर लगे टीन-टप्पर उड़ गए। चतुर्भुज मेघवाल के घर की दीवार गिरने से दो बाइक टूट-फूट गई। कई विद्युत पोल व पेड़ धाराशायी हो गए। खांकरा गांव में भी भारी नुकसान हुआ। कस्बे के वार्ड 20 में डंप यार्ड के पीछे कुशवाह बस्ती में इसी अंधड़ से कालूराम, अमरलाल, रमेश, गोपाल, लालचंद व नंदकिशोर कुशवाह आदि के कच्चे मकान ढह गए। यहां लगे जामुन के हवा को नहीं सक सके। पार्षद रितेश शर्मा ने पालिका प्रशासन से सहयोग की गुहार लगाई, परंतु कोई भी पालिका कर्मी मौके पर नही पहुंचा और न ही पालिका ने जेसीबी भेजकर मकानों पर गिरे पेड़ों को हटाने का प्रयास किया। पार्षद रोहित अरोड़ा, चौथमल यादव, सत्यनारायण मीणा, मनमोहन सेन, मुकेश पांचाल, महिला पार्षद रजनी गेरा, हंसकंवर आदि ने पालिका के रवैये की कड़ी निंदा की। भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष अशोक गौड़ ने बताया कि निपानी में रोड़ पर रहने वाले मांगीलाल मीणा के घर के पूरे चद्दर उड़ गए और पक्की दीवार भी गिर गई। वहीं, घाटाखेड़ी निवासी रामनरेश मीणा छबड़ा आ रहा था। तेज हवा व पानी देख कर रस्ते में बाइक खड़ी कर वहीं एक घर में छिप गया। बाहर खड़ी मोटरसाइकिलें हवा से नीचे गिर गई तथा दीवार गिरने से रामनरेश लोधा को भी चोटे आई हैं। विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने स्थानीय व जिला प्रशासन से किसानों के नुकसान का सर्वें कर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।