शैक्षणिक दबाव भी प्रमुख कारण
माता-पिता, शिक्षकों और समाज से उच्च उम्मीदें परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अत्यधिक तनाव और दबाव का कारण बन जाती हैं। सफल होने का यह दबाव कुछ छात्रों के लिए भारी हो सकता है, इससे असफलता और निराशा की भावनाएं पैदा होती हैं। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे अवसाद, ङ्क्षचता और अन्य विकार जैसी समस्याएं छात्रों की आत्महत्या को बढ़ावा देती है। तनाव, अकेलेपन और समर्थन की कमी इसको गंभीर बनाती हैं।
अलगाव व अकेलापन
कोटा जैसे शहरों में दूर-दूर से छात्र पढऩे आते हैं। परिवार और दोस्तों से दूर रहने पर अलगाव और अकेलापन हावी हो जाता है। इससे निपटना कठिन हो सकता है। ट््यूशन फीस या जीवन यापन का खर्च वहन न कर पाना, छात्रों के लिए बहुत अधिक तनाव और ङ्क्षचता पैदा करता है। गत वर्षो में भारत में जिन लोगों ने आत्महत्या की उसमें से 25.6 प्रतिशत दिहाड़ी म•ादूर थे। इनमें महिलाएं अधिक थीं। आत्महत्या करने वाले लोगों में एक बड़ा वर्ग उन लोगों का था, जिनका खुद का रोजगार था।