12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

मंगल और खुशहाली की कामना को लेकर भीषण गर्मी में कर रहे अग्नितप

पार्वती नदी के सेतु से सटे प्रेमधाम हनुमान वाटिका में संत सीताराम दास के शिष्य मधुसूदन दास इन दिनों तेज धूप में अग्नि तपस्या कर रहे हैं। भक्त रोजाना धूणा के दर्शन करने आते हैं। जनकल्याण एवं सनातन धर्म के प्रचार के लिए अग्नि तप किया जाता है। झुलसाने वाली इस भीषण गर्मी में जहां लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, वही संत अपने चारों तरफ आग जलाकर बीच में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। ऐसी गर्मी में जो भी इस संत को आग के बीच में बैठकर तपस्या करते हुए देखता है, वह दांतों तले उंगली दबा लेता है। प्रेम धाम हनुमान वाटिका में हर रोज भक्त दर्शन करने के लिए आ रहे है। एक वर्ष से यहां भंडारा चला रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बने श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन करने आते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification

बारां

image

Mukesh Gaur

May 14, 2024

पार्वती नदी के सेतु से सटे प्रेमधाम हनुमान वाटिका में संत सीताराम दास के शिष्य मधुसूदन दास इन दिनों तेज धूप में अग्नि तपस्या कर रहे हैं। भक्त रोजाना धूणा के दर्शन करने आते हैं। जनकल्याण एवं सनातन धर्म के प्रचार के लिए अग्नि तप किया जाता है। झुलसाने वाली इस भीषण गर्मी में जहां लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, वही संत अपने चारों तरफ आग जलाकर बीच में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। ऐसी गर्मी में जो भी इस संत को आग के बीच में बैठकर तपस्या करते हुए देखता है, वह दांतों तले उंगली दबा लेता है। प्रेम धाम हनुमान वाटिका में हर रोज भक्त दर्शन करने के लिए आ रहे है। एक वर्ष से यहां भंडारा चला रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बने श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन करने आते हैं।

पार्वती नदी के सेतु से सटे प्रेमधाम हनुमान वाटिका में संत सीताराम दास के शिष्य मधुसूदन दास इन दिनों तेज धूप में अग्नि तपस्या कर रहे हैं। भक्त रोजाना धूणा के दर्शन करने आते हैं। जनकल्याण एवं सनातन धर्म के प्रचार के लिए अग्नि तप किया जाता है। झुलसाने वाली इस भीषण गर्मी में जहां लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, वही संत अपने चारों तरफ आग जलाकर बीच में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। ऐसी गर्मी में जो भी इस संत को आग के बीच में बैठकर तपस्या करते हुए देखता है, वह दांतों तले उंगली दबा लेता है। प्रेम धाम हनुमान वाटिका में हर रोज भक्त दर्शन करने के लिए आ रहे है। एक वर्ष से यहां भंडारा चला रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बने श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन करने आते हैं।

किशनगंज. पार्वती नदी के सेतु से सटे प्रेमधाम हनुमान वाटिका में संत सीताराम दास के शिष्य मधुसूदन दास इन दिनों तेज धूप में अग्नि तपस्या कर रहे हैं। भक्त रोजाना धूणा के दर्शन करने आते हैं। जनकल्याण एवं सनातन धर्म के प्रचार के लिए अग्नि तप किया जाता है। झुलसाने वाली इस भीषण गर्मी में जहां लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, वही संत अपने चारों तरफ आग जलाकर बीच में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। ऐसी गर्मी में जो भी इस संत को आग के बीच में बैठकर तपस्या करते हुए देखता है, वह दांतों तले उंगली दबा लेता है। प्रेम धाम हनुमान वाटिका में हर रोज भक्त दर्शन करने के लिए आ रहे है। एक वर्ष से यहां भंडारा चला रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बने श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन करने आते हैं।

28ंवां पंच कुंडीय महायज्ञ 8 जून से

28वां पंच कुंडीय श्रीराम महायज्ञ ओर वार्षिक धूनी कार्यक्रम 8 जून को शुरू होगा। यह 16 जून को गंहा दशहरा पर सम्पन्न होगा। ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया शनिवार को प्रायश्चित स्नान, कलश यात्रा, पंचांग कर्म, मण्डप प्रवेश, ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी सोमवार, 10 जून को अग्नि स्थापना और श्रीराम महायज्ञ प्रारम्भ, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (गंगा दशहरा) रविवार, 16 जून को पूर्णाहूति, महाआरती एवं भण्डारा होगा।


बड़ी खबरें

View All

बारां

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग