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छात्रों की बात तो हो गई आई गई, शिक्षक सममेलनों में फिर गुरूजी ने की अपने हित की ही बातें

बारां. जिलेभर में शिक्षक संगठनों की ओर से आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलनों का शनिवार को समापन हो गया।

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छात्रों की बात तो हो गई आई गई, शिक्षक सममेलनों में फिर गुरूजी ने की अपने हित की ही बातें

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बारां. जिलेभर में शिक्षक संगठनों की ओर से आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलनों का शनिवार को समापन हो गया। इन दो दिनों में शिक्षकों ने अपनी समस्याओं के निदान को लेकर रणनीति बनाई तो सरकारी स्कूलों के शैक्षिक विकास को लेकर चर्चा भी की।
बाल शिक्षा, मनोवैज्ञानिक एवं कोटा विश्वविद्यालय के भूतपूर्व डीन एमएल गौतम ने कहा कि कि शिक्षक ही सही मायने में समाज को नई दिशा प्रदान करता है, लेकिन यह तभी संभव है, जब शिक्षक नवाचारों का सजग प्रहरी बने। वे राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन के जिला स्तरीय शिक्षक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन जानकी रिसोर्ट में आयोजित किया गया।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रहलाद राठौर ने कहा कि शिक्षक अधिवेशन शैक्षिक नवाचारों पर मंथन करने के लिए होते हैं । यह अधिवेशन शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए आवश्यक है। सेवानिवृत्त प्राचार्य व शिक्षाविद गोविंद प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि सभ्य समाज के लिए बालकों में चारित्रिक विकास आवश्यक है। शिक्षक इसके लिए प्रतिमान स्थापित करें। बालकों में नैतिक गुणों का विकास करें।इससे पूर्व संगठन के जिलाध्यक्ष हरिओम हरिओम शर्मा ने संगठन की रीति नीति पर प्रकाश डाला।
जिला मंत्री मनोज जैन, जिला उपाध्यक्ष हिम्मत सिंह गौड़, संघ के वरिष्ठ सदस्य संजय गर्ग, संगठन के जिला प्रवक्ता प्रद्युम्न गौतम आदि ने विचार व्यक्त किए।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
बारां. राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) एवं प्रगतिशील का संयुक्त जिला शैक्षिक अधिवेशन शनिवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय भीमगंज वार्ड तेल फेक्ट्री में संपन्न हुआ। इसमें एनपीएस हटाओ व पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की गई। सम्मेलन में समयवृद्धि को वापस लेने, पे मेट्रिक्स केन्द्र के समान देने, पोषाहार कर्मियों को 10 हजार रुपए वेतन देने, पीपीपी मोड पर स्कूल देने का प्रस्ताव खारिज करने आदि विषयों पर विचार विमर्श किया गया। जिलामंत्री सतीष गौत्तम ने पाठ्यक्रम में आई त्रुटियों को सुधार करने पर जोर दिया। संरक्षक बहादुर सिंह गौड़ ने नामांकन बढ़ाने की अपील की। मुख्य अतिथि चरतराम मीना ने विद्यालय में छात्रों के संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। अध्यक्षता करते हुए हरदयाल नागर ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए सभी संगठन व सदस्यों को एकजुट रहने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि कमल यादव ने शिक्षकों के कई संगठन बनने पर शिक्षक एकता के लिए खतरा बताया। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी श्याम गौतम, भूपेन्द्र माथोडिय़ा, मूलचन्द वैष्णव, जगमोहन नागर, कैलाश सगर, ईश्वर यादव, प्रेमचन्द नागर, विष्णुशंकर गुप्ता, अशोक बैरवा आदि ने सम्बोधित कर पाठ्यक्रम में बदलाव, विद्यालय के लिए आर्थिक सहयोग करने आदि पर जोर दिया। राजस्थान शिक्षक संघ अम्बेडकर का समापन समारोह में का दो दिवसीय जिला शैक्षिक अधिवेशन लंका कॉलोनी चरीघाट रोड स्थित मेघवाल छात्रावास में हुआ। जिलाध्यक्ष रामप्रसाद कोटड़ा ने बताया कि अधिवेशन में मुख्य वक्ता संभागीय अध्यक्ष चतुर्भुज मेघ, गोपाल महावर, वरिष्ठ पशु चिकित्सक एवं डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. सतीष लहरी, बसपा जिलाध्यक्ष आरपी सोन व समाज कल्याण अधिकारी डॉ. गजराज सिंह यादव ने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता के लिए प्रत्येक कक्षा में कक्षावार अध्यापक होना अति आवश्यक है। अधिवेशन में छात्रों व शिक्षकों के हितों के बारे में चिंतन किया गया। प्रत्येक विद्यालय में पोषाहार प्रभारी का पद सृजित होना चाहिए। एसडीपीआई के किशनगंज शाहबाद विधानसभा प्रभारी टीकम शाक्यवाल व वीरू धनोरिया ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया। संघ के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, मनमोहन रेगर, रामसागर मेघ, राधेश्याम भटवाड़ा, रणवीर राजौरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।