बारां. नगर परिषद बारां की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही, जबकि शहर का दिनोंदिन विस्तार हो रहा है। हालात यह है कि शहर की आबादी के अनुपात में यहां 550 स्थायी सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन परिषद में 350 सफाई कर्मचारी ही पदस्थ हैं। ऐसे में 200 कर्मचारियों की कमी है और यहां पदस्थ सफाई कर्मचारियों से अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारी समय अनुसार कार्य कर वापस लौट जाते हैं। इससे कई क्षेत्रों में सफाई नहीं हो रही। परिषद की आर्थिक हालात भी इनदिनों अच्छी नहीं है। इससे वार्डों में नाली, नालियों की मरम्मत समेत अन्य कार्य भी नहीं हो पा रहे। शहरी विकास को लेकर यहां के बाशिंदें अब कोटा में हुए विकास से करने लगे हैं।
संवेदक नहीं दिखा रहे रुचि
परिषद सूत्रों का कहना है कि शहर में परिषद की ओर से करोड़ों के कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन अब भुगतान नहीं मिलने से संवेदकों ने टेंडर लेना एक तरह से बंद कर दिया है। परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि परिषद की ओर से कराए जा रहे बड़े कार्यों का भी लंबे समय बाद भी भुगतान नहीं हुआ। ऐसे में कुछ संवेदकों के करोड़ों रुपए फंसे हुए हैं।
छोटे ठेकेदार भी काट रहे कन्नी
हालात यह है कि कभी नगर परिषद में छोटे-मोटे कार्य लेने वाले संवेदक भी अब कन्नी काटने लगे हैं। इससे वार्डों में नाली, पटान समेत अन्य छिटपुट कार्य भी नहीं हो रहे। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। कई वार्ड पार्षदों का कहना है कि वे परिषद कार्यालय में चक्कर काट कर निरश लौट रहे हैं।
-मेरे आने से पूर्व का संवेदकों का भुगतान बकाया है, बाद का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं। जैसे-जैसे बजट मिलता मिलता है, संवेदकों को भुगतान कर दिया जाता है।
-संदीप माथुर, अधिशासी अभियंता, नगर परिषद