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शहर को कचरे से मुक्ति मिलने की उम्मीद, जल्द शुरू होगा निस्तारण केन्द्र

कचरे के निस्तारण को लेकर निकटवर्ती नियाना गांव में वर्ष 2011 में करीब 6 हैक्टेयर भूमि पर कचरा निस्तारण के लिए प्लांट भवन तो बनवा दिया गया था। लेकिन कई प्रक्रियाओं में उलझ कर प्लांट शुरु नहीं हो पाया था।

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बारां

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Mukesh Gaur

Feb 14, 2025

कचरे के निस्तारण को लेकर निकटवर्ती नियाना गांव में वर्ष 2011 में करीब 6 हैक्टेयर भूमि पर कचरा निस्तारण के लिए प्लांट भवन तो बनवा दिया गया था। लेकिन कई प्रक्रियाओं में उलझ कर प्लांट शुरु नहीं हो पाया था।

कचरे के निस्तारण को लेकर निकटवर्ती नियाना गांव में वर्ष 2011 में करीब 6 हैक्टेयर भूमि पर कचरा निस्तारण के लिए प्लांट भवन तो बनवा दिया गया था। लेकिन कई प्रक्रियाओं में उलझ कर प्लांट शुरु नहीं हो पाया था।

बारां. शहर में एकत्रित होने वाले कचरे के निस्तारण को लेकर नगर परिषद द्वारा करीब एक दशक पूर्व किए गए प्रयास अब धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है। कचरे के निस्तारण को लेकर निकटवर्ती नियाना गांव में वर्ष 2011 में करीब 6 हैक्टेयर भूमि पर कचरा निस्तारण के लिए प्लांट भवन तो बनवा दिया गया था। लेकिन कई प्रक्रियाओं में उलझ कर प्लांट शुरु नहीं हो पाया था। बरसों तक पर्यावरण विभाग की एनओसी नही मिली। जिस कम्पनी को टेण्डर दिया, उसने कार्य करने में हाथ पीछे खींच लिए थे।

वर्ष 2018 में कचरा निस्तारण केन्द्र के संचालन के लिए बंगलुरु की जोन्टा कम्पनी को 30 वर्ष के लिए करीब 8 करोड़ रुपए में टेण्डर दिया था। इसमें कचरा निस्तारण के साथ ही निर्माण कार्य भी शामिल था। लेकिन पर्यावरणीय एनओसी नहीं मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ा। 2019 में एनओसी मिली, लेकिन कम्पनी कार्य करने में आनाकानी करने लगी। बाद में नगर परिषद ने कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड करके स्वयं ही केन्द्र को चलाने के लिए व्यवस्थाओं को अंजाम दिया। लेकिन वह भी सफल नहीं रहा। इसके बाद पुन: डीएलबी ने 22 दिसम्बर 2023 को गुडग़ांव की रिकार्ट रिनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को 10 वर्ष की कार्यावधि के लिए 609.45 लाख में टेण्डर दिया।

कई बार दिए नोटिस

कम्पनी को टेण्डर देने के 14 माह बाद भी कार्य शुरु नहीं हो पाया। इसके चलते नगर परिषद ने उक्त कम्पनी को इस दौरान कई बार कार्य शुरु करने के लिए नोटिस थमाए। अब गुरुवार से कम्पनी ने कार्य शुरु किया है। वर्तमान में कचरा निस्तारण केन्द्र को 80 टन प्रति दिन कचरा निस्तारण क्षमता के लिए तैयार किया जा रहा है। हालांकि शहर के विभिन्न इलाकों से प्रतिदिन 40 से 45 टन कचरा निकलता है। इसे ऑटो टिपर, डम्पर एवं कम्पेक्ट मशीन द्वारा निस्तारण केन्द्र पर भिजवाया जा रहा है।

अब तीन ब्लॉक में लगेंगी मशीनें

कचरा निस्तारण केन्द्र पर तीन ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इसमें प्रथम प्रीस्टोङ्क्षरग सेक्शन में कन्वेयर, रोटरी स्क्रीन, सेग्रीगेशन कन्वेयर और प्लेटफार्म, गीला कचरा सेपरेशन कन्वेयर तथा एडीएस मशीन लगाई जाएगी। दूसरा ब्लॉक प्रीपेरेटरी सेक्शन में प्रथम ब्लॉक की मशीनो के साथ ही मैग्नेटिक सेपरेटर लगाया जाएगा। वही तीसरे ब्लॉक में रिफाइनमेन्ट सेक्शन में कन्वेयर, रोटरी स्क्रीन के साथ ही सेपरेशन कन्वेयर, कंपोस्ट सोर्सिंग कन्वेयर तथा रिजेक्ट मटेरियल कन्वेयर लगाए जाएगे।

बनेगा जैविक खाद

ब्लॉक में पहले कचरा खाली होगा। इसका पानी सुखाया जाएगा। फिर इसके बाद पॉलीथिन, बोतल, प्लास्टिक एवं कंकर-पत्थर अलग किए जाएंगे। छंटनी के बाद पॉलीथिन तथा बोतल व प्लास्टिक को छोटे टुकड़ों में बांटकर खाद बनाया जाएगा।

कचरा निस्तारण केन्द्र पर गुरुवार को कम्पनी ने कार्य शुरु कर दिया है। इसके तहत एडमिन ब्लॉक भवन के लिए खुदाई का कार्य शुरु किया गया है। इसके बाद तीन कम्पार्ट का कार्य शुरु होगा। इसमें करीब 4 माह का समय लगेगा।

भुवनेश मीणा, अधिशासी अभियन्ता, नगरपरिषद, बारां