
चंबल की नहर मरम्मत के लिए पिछले तीन साल में जो पैसा दिया है। इस दौरान सात शिकायतें प्राप्त हुई है। चार संतोषजनक पाई गई है। जो फर्में काम कर रही हैं, रिश्तेदारों से कंपनी बनाकर सब काम में देरी कर दी।
चम्बल की घटिया निर्माण की जांच करने का मामला उठायाए दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग
किशनगंज. विधायक डॉ. ललित मीणा ने विधानसभा में शुक्रवार को चंबल की नहरों में पिछले तीन वर्षों में की गई मरम्मत में अनियमितता का मामला उठाया। मीणा ने कहा कि सीएडी ने चंबल की नहर मरम्मत के लिए पिछले तीन साल में जो पैसा दिया है। इस दौरान सात शिकायतें प्राप्त हुई है। चार संतोषजनक पाई गई है। जो फर्में काम कर रही हैं, रिश्तेदारों से कंपनी बनाकर सब काम में देरी कर दी। किसानों ने दांई नहर की शिकायतें दी हैं। सीएडी के चेयरमैन ने इटावा ब्रांच के लिए सातवीं शिकायत की है। इनकी जांच जयपुर क्वालिटी कंट्रोल से करवाई जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि सात शिकायतें आई थी, उनकी कमेटी बनी है। जांच में सीएडी आयुक्त, एसई, एक्सईएन और एईएन द्वाा की की सात की जांच में से चार को दोषी नहीं पाया गया। तीन की जांच चल रही है। अभी नहर में पानी है। 25 मार्च को जब पानी रोका जाएगा। उसी समय जांच करवाएंगे कि जो टाइलें लगाई है, या जो भी निर्माण हुआ है, उसमें क्या कमी है। उसका फिजिकल वेरिफिकेशन होगा। दोनों नहरों की क्वालिटी कंट्रोल जयपुर के माध्यम से जांच कराएंगे।
अंता . विधायक कंवरलाल मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बारां नगर परिषद की ओर से फर्जी पट्टे जारी करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2023 में सरकारी भूमि के 395 पट्टे जारी किए। मीणा ने इनकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इनमें से 4 पट्टों की जांच की गई थी। चारों पट्टे फर्जी थे, इनमें गत सरकार के मंत्री प्रमोद जैन भाया का भी नाम अंकित है। इसको लेकर मीणा व टीकाराम जूली में बहस भी हुई। मीणा ने सदन में बारां नगर परिषद द्वारा 2021 से 2024 तक जारी किये पट्टों की जानकारी मांगी। साथ ही फर्जी पट्टे जारी करने के बाद उनमें दर्ज प्रकरणों के बारे में भी सवाल किया। फर्जी पट्टे जारी करने वाले अधिकारी व तत्कालीन सभापति पर कार्रवाई की जाए, ऐसा उन्होंने सदन में कहा। सदन में मंत्री ने जानकारी दी कि नगर परिषद की ओर से 2021 से 2024 तक 1448 पट्टे जारी किए गए। 4 फर्जी पट्टों को निरस्त करने के बारे में भी बताया। इसी सम्बन्ध में 2 प्रकरण दर्ज हुए थे। फर्जी पट्टे कर मामले में क्षेत्रीय उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग कोटा ने जांच करवाई, इसके आधार पर तत्कालीन कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। दूसरे प्रकरण में जिला कलक्टर बारां द्वारा जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगा।
Published on:
08 Mar 2025 11:50 am
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