
एक भी वारदात का खुलासा नहीं, चोरी के चलते मंडी में हुआ था गतिरोध
बारां. शहर में पिछले कई दिनों से शातिर चोर गिरोह सक्रिय रहने से ट्रक मालिकों की नींद उड़ी हुई है। ट्रक चालक निर्धारित स्थानों पर ट्रक खड़े कर घरों पर चले जाते है, लेकिन मालिक को चिन्ता सताती रहती है। दरअसल पिछले करीब छह माह के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों से चार ट्रक चोरी हो गए। हर वारदात के बाद पुलिस को अवगत कराया गया, लेकिन पुलिस की ओर से वारदातों का खुलासा करने में संवेदनहीनता बरती जा रही है। इससे चोरों के हौंसले लगातार बुलंद रहे हैं। वे कुछ-कुछ दिनों के अंतराल में वारदात कर ट्रक ऑनर्स को लाखें की आर्थिक चपत लगा रहे हैं। शातिरों के हौंसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे 12 चक्का ट्रकों को भी उड़ा ले जा रहे हैं। अब ट्रक चोरी की इन वारदातों से ट्रक ऑनर्स में आक्रोश गहराने लगा है। ट्रक ऑनर्स ने कुछ दिन पहले सड़कों पर उतरकर रैली निकाली तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर पीड़ा बताई। इसके बाद टीम गठित की गई।
पुलिस तंत्र की सुस्ती अब पड़ रही भारी
शहर में हाल के दिनों में सबसे पहले 23 अप्रेल को कोटा रोड आरओबी के नीचे एफसीआई गोदाम के सामने से खुर्शीद आलम का 12 चक्का ट्रक चोरी हुआ, पुलिस ने कुछ फुटेज खंगाले, लेकिन तीन माह बाद ही अगस्त में अदम पता बताते हुए एफआर लगाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद 13 अक्टूबर को राधेश्याम कालरा का 12 चक्का ट्रक रीको क्षेत्र से चोरी हो गया। यूनियन ने ज्ञापन देकर चेताया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पुलिस की सुस्ती देखकर सक्रिय चोर गिरोह ने फिर नजरें जमाना शुरू किया और कुछ दिनों बाद एक और ट्रक ले गए। हाल ही में मंडी सीजन के दौरान 3 नवम्बर को झालावाड़ रोड स्थित जिला कारागार के समीप से भीमसेन अदलक्खा का ट्रक पार हो गया। इसके बाद तो ट्रक मालिकों के सब्र का बांध टूट गया। यूनियन पदाधिकारियों ने पुलिस को फिर ज्ञापन देकर गुहार लगाई तो अधिकारियों ने आश्वासन देकर इतिश्री कर ली।
यूनियन कर रही 500 ट्रकों का संचालन
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब 40-50 वर्षो से दी पब्लिक कैरियर ट्रक ऑनर्स संस्थान के माध्यम से सैकड़ों ट्रकों का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 500 ट्रक इस यूनियन से जुड़े हुए हैं। इससे करीब दो हजार परिवार गुजर बसर कर रहे हैं।
अब कर्ज की रकम कहां से चुकाएंगे
ट्रक यूनियन अध्यक्ष सत्यनारायण गुप्ता का कहना है कि सभी ट्रक आनर्स किसी तरह ट्रकों से परिवार का पालन कर रहे है। ट्रक ही चोरी हो रहे हैं तो परिवार भी कैसे चलाएंगे। राधेश्याम कालरा का पुत्र अजय तो ट्रक से रोजगार कर मकान पर लिए लोन को चुकाने का प्रयास कर रहा था। ट्रक चोरी हो गया तो पूरा परिवार सदमे में है। रोजी भी गई और कर्ज भी नहीं चुका। ट्रक मालिक परिवार के लिए दिनरात लगा रहता है और शातिर एक दिन में 10-12 लाख की गाड़ी चुरा ले जाते है। महंगाई के इस दौर में छोटा सा नुकसान भी भारी पड़ता है। शहर में चार ट्रक चोरी चले गए ओर किसी का पता नहीं लगा।
ट्रकों की चोरी के मामले में पुलिस अपने हिसाब से काम कर रही है। अलग से टीम गठित कर दी गई है।
कल्याणमल मीणा, पुलिस अधीक्षक
Published on:
09 Nov 2022 11:40 am
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