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दुखद : मानवीय संवेदनाएं तार-तार, कचरापात्र में मिली 1 दिन की नवजात

बारां जिले के छीपाबड़ौद की घटना, बालिका को कोटा रैफर किया
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 12 Sep 2023, 11:34 AM IST

दुखद : मानवीय संवेदनाएं तार-तार, कचरापात्र में मिली 1 दिन की नवजात

दुखद : मानवीय संवेदनाएं तार-तार, कचरापात्र में मिली 1 दिन की नवजात

बारां. छीपाबड़ौद में सोमवार को मानवीय संवेदनाओं को तारतार करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। अज्ञात लोग एक दिन की नवजात बालिका को छीपाबड़ौद अस्पताल के कचरा पात्र में बिलखता हुआ छोड गए। बच्ची के बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने उसे संभाला। लोग उसकी हालत देखकर सन्न रह गए। बच्ची को कचरा पात्र में मौजूद कीड़े काट रहे थे। इस हृदय विदारक ²श्य को देखकर लोग चकित रह गए। तत्काल मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से रैफर करने पर दोपहर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां कुछ देर तक एसएनसीयू में रखने के बाद कोटा के लिए रैफर कर दिया गया। इस मामले में छीपाबड़ौद थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।

सूचना पर पहुंची बाल कल्याण समिति
मामले की सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू की। समिति अध्यक्ष एडवोकेट ओम प्रकाश मेहता, सदस्य खेमराज ङ्क्षसह चौहान आदि जिला अस्पताल पहुंचे। नवजात के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एडवोकेट ओम प्रकाश मेहता ने बताया कि सुबह छीपाबड़ौद से नवजात बच्ची को रैफर करने पर जिला अस्पताल में भर्ती किए जाने की सूचना मिली थी। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला अस्पताल के एनसीयू में पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने नवजात की गंभीर स्थिति बताते हुए कोटा रैफर करने की आवश्यकता जताई। इस पर छीपाबडौद पुलिस से लिखित जानकारी लेने के बाद नवजात को कोटा भेजने की अनुमति दी गई है। नवजात के साथ शिशु गृह से केयर टेकर को रवाना किया गया तथा कोटा की बाल कल्याण समिति को अवगत कराया गया। नवजात को कोटा जेके लोन चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में नवजात को शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक गिरिराज मीणा ने जांच के बाद एसएनसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। शिशु रोग कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पुनीत परूथी ने भी नवजात को देखा।