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सड़क किनारे खड़े वाहन बनते हादसों का सबब

रां. जिले से गुजर रहे फोरलेन हाइवे (राष्ट्रीय राजमार्ग-२७) पर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े रहने वाले व तेज फर्राटे भरने वाले ट्रक, ट्रोले 'यमदूतÓ
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बारां

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Shiv Bhan Singh

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Updated: 21 Feb 2018, 6:35 PM IST

baran

Two killed in car collision

बारां. जिले से गुजर रहे फोरलेन हाइवे (राष्ट्रीय राजमार्ग-२७) पर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े रहने वाले व तेज फर्राटे भरने वाले ट्रक, ट्रोले 'यमदूतÓ बन रहे हैं लेकिन इन पर प्रभावी लगाम नहीं लग पा रही। ऐसा नहीं है कि ट्रक, ट्रोलों के अनुचित जगह एवं अनुचित रूप से खड़े होने के प्वाइंट के बारे में सम्बंधित महकमों को जानकारी न हो, लेकिन कार्रवाई के नाम पर होता कुछ नहीं। परिवहन विभाग का भी राजस्व वसूली पर जोर रहता है, लेकिन नियमों की पालना कराने की गंभीरता नहीं नजर आती।
जहां चाहा, खड़े किए
हाइवे पर जिले की सीमा में पलायथा से कस्बाथाना के बीच दर्जनभर ढाबे हैं। इन ढाबों के किनारे ही अधिकांशत: ऐसे ट्रक या ट्रोले खड़े रहते हैं। ट्रक चालक किनारे पर वाहन खड़ा करने की जगह मनमर्जी से खड़ा कर देते हैं। अधिकांश ट्रकों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं होते। रात के अंधेरे में कई बार एकाएक इनके नजर नहीं आने से दुर्घटना घट जाती है। हाइवे पर ऐसे कई विशेष प्वाइंट हैं जहां ट्रक चालकों की मनमर्जी हादसों का सबब बन रही है। ट्रक, ट्रोलों के लिए हाइवे पर कई जगह पार्किंग प्वाइंट भी बने हुए हैं लेकिन यहां कम ही पार्किंग दिखती है।
यहां रहता है जमावड़ा
कोटा रोड पर शहर से निकलते ही एक प्लांट के बाहर हाइवे किनारे बड़ी तादाद में ट्रक खड़े रहते हैं। यहां आधी सड़क पर इनका ही कब्जा रहता है। ऐसे में एक साइड का टू-लेन सिकुड़कर वन-लेन ही रह जाता है। इधर शाहाबाद रोड पर बावड़ीखेड़ा तिराहे के समीप एक ढाबे केे बाहर ट्रकों का जमावड़ा रहता है। किशनगंज से पहले भी हाइवे पर ढाबे के बाहर ऐसे ही नजारे दिखते हैं।

जताई खुशी
अन्ता. यहां कई लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए काला कानून वापस लेने को राजस्थान पत्रिका की बड़ी जीत बताया है। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश मीणा, उपाध्यक्ष श्याम सोनी, राजेन्द्र सिंह नागदा, निरंजन बत्रा, ललित बत्रा, मनोज त्यागी, एडवोकेट भगवान प्रसाद दाधीच, पवन दाधीच आदि ने इसे लोकतंत्र की जीत कहा।
(पत्रिका संवाददाता)