
Vomiting, diarrhea and anxiety, weather spoiling health
उल्टी-दस्त और घबराहट, मौसम बिगाड़ रहा सेहत
बारां. आए दिन मौसम में बदलाव होने से कई लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे है। अधिकांश लोग वायरल बुखार से पीडि़त हो रहे हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त, घबराहट, पेट दर्द व पीलिया आदि भी हावी हो रहे हैं। यहां बारां जिला चिकित्सालय में उपचार परामर्श के लिए बड़ी संख्या में रोगियों के पहुंचने से आउटडोर इनडोर फुल चल रहे हैं। चिकित्सालय के मेल, फिमेल व शिशु वार्ड फुल हो गए है। इसके अलावा मेल मेडिकल वार्ड में ही एक कक्ष में संचालित लू-तापघात वार्ड में भी बेड भरे हुए है। यहां शनिवार को भी ओपीडी में 1832 रोगी पहुंचे। इसमें से 153 को भर्ती किया गया।
रजिस्ट्रेशन से जांच तक कतार
रोगियों की भीड़ बढऩे से आउटडोर में सुबह व शाम की पारी में चिकितसक कच्चों में कतारे लगने लगी है। रोगियों को इससे पहले रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कतार में खड़े रहना पड़ रहा है। उसके बाद दवा वितरण केन्द्रों पर दवा लेने के लिए बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं जांच आदि लिखने पर जांच केन्द्र पर लम्बा इतजार करना पड़ रहा है। यश्हां सेम्पल देने के बाद भी कुछ जांचों के लिए तो शाम की पारी तक इंतजार करना पड़ रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने में देरी होने के कारण सुबह की पारी में तो अस्पताल ही बंद हो जाता है। इसके बाद शाम की पारी में अस्पताल खुलने पर चिकित्सकों को जांच दिखानी पड़ रह है।
एक बेड पर दो मरीज
मेल, फिमेल मेडिकल वार्ड में बेड फुल होने के कारण मरीजों को वार्ड की गैलरी में बैंच लगाकर उपचार देना पड़ रहा है। मरीज बैंच पर लेटे रहते हे तो मरीजों के परिजनों को कभी गैलरी के फर्श पर तो कभी बैंच पर बैठना पड़ता है। वहीं शिशु वार्ड में तो आए दिन एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती रखने की नौबत आ रही है। इससे शिशु रोगियों व उनके परिजनों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शिशु रोगियों में संक्रमण होने का अंदेशा भी बना रहता है। शिशु वार्ड में शनिवार शाम को भी 32 बैड पर करीब 35 रोगी भर्ती थे। जबकि वार्ड में आठ अतिरिक्त बेड लगाए हुए है।
मलेरिया पर रहा अंकुश
चिकित्सा विभाग की ओर से मलेरिया बुखार पर काबू पाने में जबरदस्त सफलता हासिल की है। को लेकर शहर समेत जिले में इस वर्ष मलेरिया बुखार को लेकर काफी बेहतर स्थिति है। इस वर्ष अब तक जिले में मात्र 19 रोगी ही चिन्हित हुए है। वहीं गत 22 जून को समाप्त हुए जून के तीसरे सप्ताह में मलेरिया के सात रोगी चिन्हित हुए थे। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. (स्वास्थ्य) राजेन्द्र कुमार मीणा का कहना है कि जिले में मौसमी बीमारियों को लेकर उच्च स्तर पर से प्राप्त निर्देशों के तहत बेहतर काम किया जा रहा है। इससे मलेरिया समेत अन्य बीमारियों पर खासा अंकुश है। अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
-चिकित्सालय में करीब 18सौ मरीज आउटडोर में पहुंच रहे हैं, इनमें अधिकांश बुखार, उल्टी, दस्त व गर्मी के है, लेकिन मरीजों को बेहतर उपचार व्यवस्था दी जा रही है। उपचार व्यवस्था ठीक होने से ही मरीज भी अधिक पहुंच रहे हैं।
-डॉ. बीएल मीणा, पीएमओ, जिला चिकित्सालय
Updated on:
30 Jun 2019 05:19 pm
Published on:
30 Jun 2019 04:45 pm
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