
मानसून का असर जिले सहित पूरे सम्भाग में कम नजर आ रहा है। प्रदेश भर में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। लेकिन, बारां में पिछले चार दिन से पानी नहीं बरसा। हालांकि मौसम विभाग व आपदा विभाग की ओर से तकरीबन प्रतिदिन अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। पर यह खरे नहीं उतर रहे। हवा में नमी व गर्मी के चलते तापमान के साथ उमस भी बढ़ी। हालत यह है कि ‘घने काले’ की जगह ‘झक सफेद’ बादल छा रहे हैं। जबकि, मौसम विज्ञानी रोजाना झमाझम बारिश के आसार बता रहे हैं। मानसून रोजाना उनकी भविष्यवाणी को ‘गच्चा’ दे रहे हैं। फिलहाल, शनिवार को बारां सहित सम्भाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की सम्भावना जताई गई है। नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
दो बार से मौसम विभाग का पूर्वानुमान खरा नहीं उतरा, गर्मी-उमस ने बढ़ाई परेशानी
बारां. मानसून का असर जिले सहित पूरे सम्भाग में कम नजर आ रहा है। प्रदेश भर में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। लेकिन, बारां में पिछले चार दिन से पानी नहीं बरसा। हालांकि मौसम विभाग व आपदा विभाग की ओर से तकरीबन प्रतिदिन अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। पर यह खरे नहीं उतर रहे। हवा में नमी व गर्मी के चलते तापमान के साथ उमस भी बढ़ी। हालत यह है कि ‘घने काले’ की जगह ‘झक सफेद’ बादल छा रहे हैं। जबकि, मौसम विज्ञानी रोजाना झमाझम बारिश के आसार बता रहे हैं। मानसून रोजाना उनकी भविष्यवाणी को ‘गच्चा’ दे रहे हैं। फिलहाल, शनिवार को बारां सहित सम्भाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की सम्भावना जताई गई है। नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
5.4 इंच पर थमा वर्षा का आंकड़ा
पिछले 5 दिन से सूर्यदेव सारा दिन बादलों की आवाजाही के बीच तपते रहे। बीते 24 घंटे में बारां में वर्षा दर्ज नहीं की गई। इस सीजन में वर्षा का आंकड़ा 5.4 इंच पर थम गया है। अधिकतम तापमान बुधवार को 34.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक था। रात का न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह भी सामान्य से एक डिग्री अधिक था। शुक्रवार शाम को शहर में 15 मिनट के लिए हल्की बूंदाबांदी होकर रह गई।
तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय, आएगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मानसून के साथ वर्तमान में तीन अलग-अलग स्थानों पर मौसमी प्रणालियां बनी हैं। दक्षिण गुजरात पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिण गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र में विपरीत दिशाओं की हवाओं का सम्मिलन क्षेत्र भी बना है। मानसून द्रोणिका भी जैसलमेर, रायसेन, राजनांदगांव, पुरी से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी मिल रही है। इसके चलते जल्द ही एक नया सिस्टम बनने के संकेत हैं।
Published on:
12 Jul 2024 11:05 pm
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