
7 मार्च से होलाष्टक और फिर 14 मार्च से खरमास की शुरुआत होने की वजह से मांगलिक कार्यों पर रोक लगी थी। इसके कारण सभी मांगलिक कार्य लगभग बंद थे। विवाह कार्यक्रम समेत कई आयोजन नहीं हो पा रहे थे।
छबड़ा. ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के कारण शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक 14 अप्रेल से हट जाएगा। इसके बाद अगले तीन माह तक शादी व अन्य मांगलिक आयोजनों की धूम रहेगी। बताया गया कि 7 मार्च से होलाष्टक और फिर 14 मार्च से खरमास की शुरुआत होने की वजह से मांगलिक कार्यों पर रोक लगी थी। इसके कारण सभी मांगलिक कार्य लगभग बंद थे। विवाह कार्यक्रम समेत कई आयोजन नहीं हो पा रहे थे।
वर पक्ष के लोगों ने शुरू की तैयारी
पंडितों से शादी की तारीख निकलवाने के बाद जहां वर, पक्ष के लोग बैंडबाजे, हलवाई की बुङ्क्षकग करने के साथ कपड़े आदि की खरीदारी की तैयारियां अभी से कर रहे हैं। वहीं वधु पक्ष के लोग मैरिज गार्डन व टेंट आदि सामान बुक करने में लग गए हैं। दअरसल सबसे बड़ी परेशानी मैरिज गार्डन नहीं मिलने की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में लोग विवाह आयोजन से संबंधित हर एक काम को फिक्स करने में लग गए हैं।
सूर्य के धनु व मीन में प्रवेश से खरमास
पंडितों के अनुसार जब भी सूर्यदेव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास होता है। सूर्य देव 14 अप्रेल के दिन राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद खरमास समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जो विवाह लग्न 14 अप्रेल से 15 जुलाई तक रहते हैं। ङ्क्षकतु इस वर्ष 15 जून से गुरु अस्त होने के कारण अंतिम विवाह लग्न 10 जून रहेगा। फिर 15 नवंबर के बाद लग्न शुरू होंगे। 30 अप्रेल को अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त रहेगा।
अप्रैल, मई में मुर्हूत
अप्रेल- 14, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 अप्रैल को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है। मई- 1, 5, 6, 8, 10, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 और 28 मई का भी मुहूर्त है। जून- जून के महीने में सिर्फ पांच दिन विवाह के मुहूर्त निकले हैं। इनमें 2, 4, 5, 7 और 8 जून का मुहूर्त है।
Published on:
12 Apr 2025 04:01 pm
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