
आखातीज यानी अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी है। वैसे तो यह दिन विशेष शुभकारी माना जाता है, लेकिन ग्रह-नक्षत्रों और शुभ योग के संयोग से बन रहे कई विशेष योग इस दिन को और अधिक शुभ बनाएंगे। हालांकि गुरु अस्त होने से इस दिन हर साल की तुलना में इस साल इस तिथि पर शादियां कम होगी, फिर भी अक्षय मुहूर्त होने के कारण इस दिन कई लोग शादियां करेंगे।
अक्षय तृतीया पर खरीदारी भी होगी फलदायी
छबड़ा. आखातीज यानी अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी है। वैसे तो यह दिन विशेष शुभकारी माना जाता है, लेकिन ग्रह-नक्षत्रों और शुभ योग के संयोग से बन रहे कई विशेष योग इस दिन को और अधिक शुभ बनाएंगे। हालांकि गुरु अस्त होने से इस दिन हर साल की तुलना में इस साल इस तिथि पर शादियां कम होगी, फिर भी अक्षय मुहूर्त होने के कारण इस दिन कई लोग शादियां करेंगे। ज्योतिषियों की मानें तो अक्षय तृतीया पर मंगलकारी सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है। यह योग 10 मई दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 11 मई को सुबह 10 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। सोने की खरीदारी आप सुकर्मा योग में कर सकते हैं।
रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग
ज्योतिषियों की मानें तो अक्षय तृतीया पर मंगलकारी सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से हो रहा है। वहीं, इस योग का समापन 11 मई को सुबह 10 बजकर 03 मिनट तक है। वहीं रवि योग दिन भर है। साथ ही अक्षय तृतीया पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जबकि दोपहर 3 बजकर 29 मिनट तक तैतिल करण का योग बन रहा है। इसके बाद गर करण का निर्माण हो रहा है।
गुरु अस्त के कारण कम होंगे विवाह
अक्षय तृतीया के दिन पूरे साल में सर्वाधिक विवाह होते हैं। विवाह कार्यों के लिए यह दिन विशेष शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार गुरु अस्त होने के कारण इस अबूझ मुहूर्त में विवाह की संया कम रहेगी। लेकिन विभिन्न समाजों के सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होंगे। दरअसल विवाह कार्यों के लिए गुरु और शुक्र दोनों का उदित होना आवश्यक माना गया है, लेकिन अभी गुरु अस्त चल रहे हैं। ऐसे में इस अबूझ मुहूर्त पर विवाह की संख्या कम रहेगी।
Published on:
04 May 2024 02:20 pm
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