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पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ डोलमेला

जलझूलनी एकादशी के अवसर पर हाड़ौती के ख्यातनाम डोलमेले का शुभारंभ बुधवार को संत समाज की ओर से किया गया।

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बारां

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Mukesh Gaur

Sep 03, 2025

जलझूलनी एकादशी के अवसर पर हाड़ौती के ख्यातनाम डोलमेले का शुभारंभ बुधवार को संत समाज की ओर से किया गया।

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आत्मा से आत्मा का मिलन है मेला - संत लक्ष्मणदास

बारां. जलझूलनी एकादशी के अवसर पर हाड़ौती के ख्यातनाम डोलमेले का शुभारंभ बुधवार को संत समाज की ओर से किया गया। मेला केम्प पर नगर परिषद के सभापति, उपसभापति, मेलाअध्यक्ष, आयुक्त तथा पार्षदों की मौजूदगी में गणेश पूजन के उपरान्त ध्वजारोहण कर मेले का आगाज किया गया।

या तो वृंदावन में रस बरसता है, या बारां में
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद लक्ष्मण महाराज सीसवाली वालों ने कहा कि आत्मा से आत्मा का मिलन ही मेला होता है। नगर परिषद इसे आयोजित करवाती है तो मेलार्थियों का भी इसे संजोने-संवारने का दायित्व है। वृन्दावन से पधारे कोकिल पुष्प महाराज ने कहा कि या तो वृन्दावन में रस बरसता है या फिर बारां में। मेले में बिछड़े लोगों का मिलन होता है। उन्होने ने कहा कि डोल ग्यारस के अवसर पर सभी सकारात्मक सोच बढ़ाने का संकल्प ले। महन्त फरसावाले बाबा ने मेले का महत्व बताते हुए कहा कि वेदों के अनुसार सबसे पहला मेला मिथिला में आयोजित किया गया था तभी से हिन्दू समाज में यह परिपाटी चली आ रही है। डोलमेला प्यारेराम मन्दिर के परिसर मे आयोजित होता है जो तपस्वी भूमि है, ऐसे में पूरे मेले में आते ही पवित्रता का अहसास होता है। इस अवसर पर पुजारी बमोरी डाबर कोटा के मुरारी, रामदास महाराज देवरी धाम और जूना अखाड़ा के मौनी बाबा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

मेले को संवारले का दायित्व हम सभी का
नगर परिषद की सभापति ज्योति पारस ने कहा कि इस बार सभी पार्षदों ने मिलाकर मेले को सफल बनाने का प्रयास किया है, वो सराहनीय है। मेला जनभावनाओं से जुड़ा होता है। अत: सभी का दायित्व बनता है कि इस आयोजन को शिखर तक पहुंचाये। मेलाध्यक्ष ममता नागर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीम भावना से किया गया कार्य हमेशा सफल होता है। इस बार मेले में कई नवाचार किए गए हैं। इस बार सांस्कृतिक विरासत डोल मेले को बड़े जतन से सजाया गया है। इस बार डोल तालाब भी भरा हुआ है, इससे मेलार्थियों को नौकायन का लुत्फ उठाने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे मेले की व्यवस्थाओं में सहयोग करें और अपने अमूल्य सुझाव दें। नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने सभी पार्षदों का आभार व्यक्त किया। सभापति ज्योति पारस मेलाध्यक्ष, उपसभापति नरेश गोयल पार्शद अन्तुरानी, सत्यनारायण शर्मा सीता सोन, यशवन्त अर्जुन यादव, राजेन्द्र जैन, ललित गुर्जर, मयंक माथोडिय़ा, पुरूशोत्तम नागर, रोहिताश्व सक्सेना, प्रदीप विजयवर्गीय समेत सभी पार्षदों ने संतों का शॉल और श्रीफल देकर सम्मान किया।

मेले में इस बार कई नवाचार
नगर परिशद के आयुक्त मोतीशंकर नागर ने कहा कि इस बार मेले में झूला प्रांगण को आधुनिक तरीके से सजाया गया है तो मेले के मध्य में डिवायडर का निर्माण हर वर्ष होने वाली यातायात परेशानी को दूर करने का प्रयास किया गया है। और तालाब की पाळ पर विद्युत सज्जा कर मेले को आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है।

मेला रंगमंच पर आज
मेला रंगमंच पर आज गुरूवार की रात्रि भजन संध्या का आयोजन होगा।

जिले में आज से 30 तक निषेद्याज्ञा लागू

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने जिले में आगामी दिनों में पर्व, त्योहार के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था रखने के लिए 30 अक्टूबर तक के लिए निषेधात्मक आदेश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू की ओर से अवगत कराया गया कि आगामी दिनों में हिन्दू एवं मुस्लिम समुदाय की ओर से डोल ग्यास्स (एकादशी), बारावफात, अनन्त चतुर्दशी, नवरात्रा, दुर्गाष्टमी, महानवमी, विजयादशमी, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भाई दूज आदि त्योहार हैं। इस दौरान जिले में जुलूस, झांकियां एवं शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इसलिए निषेधाज्ञा लगाई गई है।