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स्कूल खुले तो मोबाइल छोड़ पकड़ी पाठ्यपुस्तकें

स्माइल लर्निंग कार्यक्रम की प्र्रदेश स्तरीय रैंकिंग जारी, जिले की स्थिति खिसकी

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बारां

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Mukesh Gaur

Nov 21, 2021

स्कूल खुले तो मोबाइल छोड़ पकड़ी पाठ्यपुस्तकें

स्कूल खुले तो मोबाइल छोड़ पकड़ी पाठ्यपुस्तकें

बारां. स्कूल खुलने के साथ ही स्माइल कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन लर्निंग प्रोग्राम में राज्य स्तर पर जिले की स्थिति खिसकने लगी है। नवम्बर माह के दूसरे सप्ताह में जिले ने राज्यभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उसके बाद हाल ही में समाप्त हुए 13 से 19 नवम्बर तक के तीसरे सप्ताह में जिले की स्थिति पहले से खिसककर तीसरे नम्बर पर पहुंच गई। हालांकि इस सप्ताह भी जिले के तीन ब्लॉक छबड़ा, छीपाबड़ौद व बारां प्रदेश के शीर्ष दस ब्लॉक में स्थान पाने में कामयाब रहे हंै। जिले के यह तीनों ब्लॉक 6 से 12 नवम्बर तक के क्विज सप्ताह के दौरान भी प्रदेश के टॉप टेन ब्लॉक में शामिल होने में सफल रहे थे। लगातार दूसरी बार तीनों ब्लॉक के टॉप टेन में स्थान बनाए रखने से जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी उत्साहित हैं।

जिले के 60 फीसदी बच्चे हुए रजिस्टर्ड
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से कक्षा एक से 12वीं तक बच्चों का ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने का स्तर मजबूत करने के इरादे से स्माइल कार्यक्रम शुरू किया हुआ है। इसके तहत बच्चे घर बैठक पढ़ाई करते हैं। जिले के जिले के स्कूलों में नामांकित बच्चों में से करीब 6 0 प्रतिशत बच्चों ने रजिस्ट्रेशन किया हुआ है। रजिस्टर्ड बच्चों के मोबाइल पर हर सप्ताह विभाग की ओर से ई-कंटेंट व लिंक भेजा जाता है। इस लिंक को खोलने पर विषयवार कोर्स से सम्बंधित क्विज मोबाइल पर सामने आ जाते हंै। बच्चे क्विज का जवाब लिखते हैं। क्विज पूरे होने के बाद अन्सर सीट ओपन हो जाती है। बच्चे अपने जवाब का मिलान कर लेते हैं। इससे गलती सुधारने का अवसर मिल रहा है तथा बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

शाहाबाद फिसड्डी, छीपाबड़ौद आगे
सूत्रों का कहना है कि स्कूल खुलने से पहले रजिस्टर्ड बच्चों को उनके मोबाइल पर कॉल कर उन्हें क्विज लिंक खोलने तथा उस पर ऑनलाइन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता था। कई गांव में शिक्षक घरों तक पहुंचकर बच्चों को ऑनलाइन लर्निंग के लिए जागरूक करते थे, लेकिन अब स्कूल खुल गए तो बच्चे स्कूलों में ही कोर्स पढ़ रहे हैं। इसमें जिले के कुछ ब्लॉक क्षेत्र के बच्चे तो खासी रूचि दिखा रहे हंै, लेकिन कुछ जिले हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है। इनमें शाहाबाद ब्लॉक सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है। शाहाबाद ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षा विभाग के अधिकारी व कई शिक्षक भी बच्चों को प्रेरित करने में उदासीनता बरत रहे हैं।

नवम्बर के पहले दूसरे सप्ताह में शिक्षक कॉल कर बच्चों को ऑनलाइन क्विज में भाग लेने के लिए प्रेरित करते थे। इससे पहली रैंक रही थी। तीसरे सप्ताह में भी जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान रहा है। वहीं, तीन ब्लॉक लगातार टॉप टेन में बने हुए हैं। शाहाबाद ब्लॉक शुरू से पिछड़ा हुआ है, इसमें सुधार किया जाएगा।
रामावतार रावल, जिला शिक्षा अधिकारी