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हिरासत में युवक की मौत, कार्यवाहक थाना इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

परिजनों ने घटना की न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने और उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब साढ़े पांच बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

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बारां

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Mukesh Gaur

May 09, 2025

परिजनों ने घटना की न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने और उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब साढ़े पांच बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

परिजनों ने घटना की न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने और उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब साढ़े पांच बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

परिजनों ने किया हंगामा, कलक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे

बारां. जिले के छीपाबड़ौद थाने में हिरासत में रखे गए एक जने की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने उसकी पुलिस हिरासत में मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और शव लेने से इनकार कर दिया। सूचना पर जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे तथा समझाइश का प्रयास किया। परिजनों ने घटना की न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने और उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसके बाद करीब आठ घंटे बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब साढ़े पांच बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी ने प्रकरण में कार्यवाहक थाना इंचार्ज एएसआई इस्लाम खान, डीओ अधिकारी हैड कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल सुनील, विनोद व वीरङ्क्षसह को लाइन हाजिर किया है। न्यायिक जांच अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छबड़ा अमरजीत ङ्क्षसह कर रहे है। जिला कलक्टर की ओर से एक सदस्य को संविदा पर नौकरी का आश्वासन दिया गया है।

प्रदर्शन कर परिजनों ने की मुआवजे की मांग

हरीश की मृत्यु की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे। उसका शव देखते ही परिजनों में आक्रोश छा गया। उन्होंने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि हरीश को स्वस्थ हालत में पुलिस लेकर गई थी। समझाइश के बाद परिजनों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसमें परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी, 50 लाख की आर्थिक सहायता व दोषी पुलिसकर्मी पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मृतक के रिश्तेदार दीपक वाल्मीकि ने बताया कि प्रशासन से वार्ता के बाद दो लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने व न्यायिक जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद शव संभाला गया।

पुत्र की शिकायत पर आरोपी को पकड़ा था

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि बुधवार रात गोरधनपुरा गांव निवासी एक युवक ने शिकायत दी थी। उसने अपने पिता हरिप्रसाद उर्फ हरिया उर्फ हरीश वाल्मीकि [45] पर नशे की हालत में मारपीट करने आरोप लगाया गया था। इस पर पुलिस ने हरीश को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया। देर रात हरीश ने पेट दर्द की शिकायत की तो उसे पुलिस ने कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दिखाया गया। वहां दवा लेने के बाद तबीयत ठीक हो गई तथा पुलिस वापस थाने ले आई। गुरुवार सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होने के बाद हरीश ने सीने दर्द की शिकायत की तो उसे वापस अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।