
बरेली। एलपीजी किल्लत के बीच बरेली में अचानक पेट्रोल संकट की अफवाह ने शहर की धड़कन बढ़ा दी। दो पेट्रोल पंप बंद होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में हड़कंप मच गया और पंपों पर भीड़ उमड़ने लगी। हालांकि जांच में पूरा मामला अफवाह निकला और प्रशासन ने साफ किया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
मिनी बाइपास और श्यामगंज स्थित पेट्रोल पंप बंद होने की सूचना जैसे ही वायरल हुई, लोगों ने टैंकों की ओर दौड़ लगा दी। कई लोग गाड़ियों के साथ पंपों पर पहुंच गए, लेकिन मौके पर पहुंचे वेंडरों ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि ईंधन की कोई किल्लत नहीं है।
इसी बीच 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की जगह 10 किलो गैस दिए जाने की खबर ने भी लोगों को भ्रमित कर दिया।
हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय और इंडियन ऑयल अधिकारियों ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया और स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने मिनी बाइपास पंप का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, बल्कि वित्त वर्ष के अंत में कंपनियों ने उधारी पर तेल देना बंद कर दिया है।
अब सिर्फ नकद भुगतान पर ही टैंकर भेजे जा रहे हैं, जिससे जिन पंपों ने भुगतान नहीं किया, वे अस्थायी रूप से बंद रहे।
श्यामगंज स्थित पेट्रोल पंप भी इसी वजह से बंद रहा, जबकि जिले के अन्य सभी पंप सामान्य रूप से संचालित होते रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और किसी तरह की किल्लत नहीं है।
इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों और कथित किल्लत को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने नियमित आपूर्ति, कालाबाजारी पर सख्ती, कीमतों पर नियंत्रण और बुकिंग व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचें और किसी भी खबर की पुष्टि के बाद ही प्रतिक्रिया दें। फिलहाल शहर में ईंधन आपूर्ति सामान्य है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
Updated on:
24 Mar 2026 05:30 pm
Published on:
24 Mar 2026 05:27 pm
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