
victim woman
बरेली। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर रोक लगा रखी है। वहीं केंद्र सरकार तलाक को लेकर क़ानून भी बनाने जा रही है। इसके बावजूद तीन तलाक के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बरेली में एक बार फिर तीन तलाक का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में रैली निकालने पर एक महिला को उसके शौहर ने पहले तो बुरी तरह पीटा और उसके बाद तीन तलाक देकर एक साल के मासूम बेटे के साथ घर से निकाल दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब वो न्याय के लिए थाने में पहुंची तो पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। अब पीड़ित महिला वकील के माध्यम से कोर्ट जाने की तैयारी में है।
कोर्ट की शरण लेगी महिला
किला इलाके के इंग्लिशगंज की रहने वाली फ़ायरा की शादी 13 अप्रैल 2016 को दानिश के साथ हुई थी। फ़ायरा का कहना है कि वो शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में निकाली गई मुस्लिम महिलाओं की रैली में शामिल हुई थी। ये रैली केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी के संगठन मेरा हक ने निकाली थी। रैली के समाप्त होने के बाद जब फ़ायरा घर पहुंची तो उसके पति दानिश खान ने मोदी के पक्ष में रैली निकालने के लिए पहले तो उसको जमकर पीटा और तीन तलाक देकर उसके एक साल के मासूम के साथ घर से बाहर निकाल दिया।
रातभर चौखट के बाहर बैठी रही
पीड़ित महिला रातभर अपनी ससुराल की चौखट पर बैठी रही। जब सुबह मायके वाले पहुंचे तो उसके पति को समझने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माना। जिसके बाद पीड़ित ने थाने में न्याय की गुहार लगाईं। पुलिस ने भी उसका साथ नहीं दिया। जिसके बाद पीड़ित महिला अब अदालत की शरण में जाने की तैयारी में है।
पहले भी करता था मारपीट
तीन तलाक का शिकार हुई फ़ायरा का कहना है कि उसका पति पहले भी उसके साथ मारपीट करता था। उसका कहना है कि उसकी गोद में छोटा बच्चा है। इसका भी उसका पति लिहाज नहीं करता था और अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
संगठन ने किया किनारा
इस मामले में रैली निकालने वाली फरहत नकवी का कहना है कि महिला जो भी कह रही है वो झूठ कह रही है, क्योंकि उस महिला को वो जानती तक नहीं है तो वो कैसे रैली में शामिल हो गई। फ़ायरा का कोई रिकॉर्ड भी उनके पास नहीं है।
Published on:
09 Dec 2017 02:14 pm
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