
बरेली। नवाबगंज विकास खंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के तहत बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच में करीब 67.79 लाख रुपये की गड़बड़ी पाए जाने के बाद तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) अमित कुमार के खिलाफ थाना नवाबगंज में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज की ओर से थाना नवाबगंज को भेजे गए पत्र के अनुसार अमित कुमार पुत्र उमेश चंद्र, निवासी ठिलुपुरा जनपद संभल, ने विकास खंड नवाबगंज में 06 जनवरी 2021 को पहली बार और 06 जून 2022 को दूसरी बार बीएमएम पद का कार्यभार संभाला था। उनके पास एमएफएफआई का अतिरिक्त चार्ज भी था और वह नोडल बीएमएम के रूप में कार्य कर रहे थे।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि उनके कार्यकाल के दौरान 35 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के तहत धनराशि दी जानी थी। नियम के अनुसार इन समूहों को प्रति समूह 1.10 लाख रुपये के हिसाब से कुल 38.50 लाख रुपये ही भेजे जाने थे। लेकिन जांच में पाया गया कि इसके बजाय 1 करोड़ 6 लाख 29 हजार रुपये समूहों के खातों में स्थानांतरित कर दिए गए। इस प्रकार 67 लाख 79 हजार रुपये अतिरिक्त भेजे जाने की पुष्टि हुई, जिसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया।
मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लखनऊ के निर्देशों के अनुसार नोडल बीएमएम को स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों की वित्तीय निगरानी की जिम्मेदारी दी जाती है। जांच में यह भी सामने आया कि मानक से अधिक भेजी गई धनराशि को वापस कराने के लिए भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसे पद की जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त स्वतः रोजगार, बरेली के निर्देश पर खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज महेश चंद्र शाक्य ने अमित कुमार के खिलाफ थाना नवाबगंज में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।बरेली। नवाबगंज विकास खंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के तहत बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच में करीब 67.79 लाख रुपये की गड़बड़ी पाए जाने के बाद तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) अमित कुमार के खिलाफ थाना नवाबगंज में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज की ओर से थाना नवाबगंज को भेजे गए पत्र के अनुसार अमित कुमार पुत्र उमेश चंद्र, निवासी ठिलुपुरा जनपद संभल, ने विकास खंड नवाबगंज में 06 जनवरी 2021 को पहली बार और 06 जून 2022 को दूसरी बार बीएमएम पद का कार्यभार संभाला था। उनके पास एमएफएफआई का अतिरिक्त चार्ज भी था और वह नोडल बीएमएम के रूप में कार्य कर रहे थे।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि उनके कार्यकाल के दौरान 35 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के तहत धनराशि दी जानी थी। नियम के अनुसार इन समूहों को प्रति समूह 1.10 लाख रुपये के हिसाब से कुल 38.50 लाख रुपये ही भेजे जाने थे। लेकिन जांच में पाया गया कि इसके बजाय 1 करोड़ 6 लाख 29 हजार रुपये समूहों के खातों में स्थानांतरित कर दिए गए। इस प्रकार 67 लाख 79 हजार रुपये अतिरिक्त भेजे जाने की पुष्टि हुई, जिसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया।
मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लखनऊ के निर्देशों के अनुसार नोडल बीएमएम को स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों की वित्तीय निगरानी की जिम्मेदारी दी जाती है। जांच में यह भी सामने आया कि मानक से अधिक भेजी गई धनराशि को वापस कराने के लिए भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसे पद की जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त स्वतः रोजगार, बरेली के निर्देश पर खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज महेश चंद्र शाक्य ने अमित कुमार के खिलाफ थाना नवाबगंज में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
08 Mar 2026 03:52 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
