
डीआरएम वीणा सिन्हा
बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल की तस्वीर अब तेजी से बदलने जा रही है। रेलवे बोर्ड ने मंडल की सात अहम रेल लाइनों के दोहरीकरण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को मंजूरी देते हुए 34.22 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिससे आगे निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा।
इज्जतनगर मंडल के तहत आने वाली अधिकांश रेल लाइनें अभी तक सिंगल ट्रैक हैं, जिससे ट्रेनों की गति और संचालन पर असर पड़ता है। दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, समयबद्धता बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
रेलवे बोर्ड ने जिन रेलखंडों के दोहरीकरण के लिए एफएलएस मंजूर किया है, उनमें—
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
डीआरएम वीणा सिन्हा के अनुसार, आने वाले समय में इज्जतनगर मंडल से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। अनवरगंज (कानपुर) से अमृत भारत एक्सप्रेस और काठगोदाम व टनकपुर से वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। दोहरीकरण से बरेली, पीलीभीत, बदायूं, लखीमपुर, कासगंज, मथुरा, काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर समेत कई जिलों को फायदा होगा। मालगाड़ियों की आवाजाही भी सुगम होगी, जिससे व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत करीब 1100 किलोमीटर रेल ट्रैक आता है, जो अभी तक अधिकतर सिंगल लाइन पर आधारित है। दोहरीकरण के बाद नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की लेटलतीफी में भी कमी आएगी। डीआरएम वीणा सिन्हा ने बताया कि बजट में मंडल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जल्द ही एफएलएस का काम शुरू होगा। कासगंज-अनवरगंज और बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर रेल लाइन के दोहरीकरण से यूपी और उत्तराखंड को देश के अन्य राज्यों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
Updated on:
08 Apr 2026 04:26 pm
Published on:
08 Apr 2026 04:15 pm
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