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बरेली में बनेगी सुपर लैब, दूध में जहर मिलने वालों की खैर नहीं

खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधा वार होने जा रहा है। बरेली के अभियारा में मंडल की पहली क्वालिटी कंट्रोल लैब तैयार की जा रही है, जहां दूध से लेकर मीट तक हर चीज की जांच होगी।

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बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधा वार होने जा रहा है। बरेली के अभियारा में मंडल की पहली क्वालिटी कंट्रोल लैब तैयार की जा रही है, जहां दूध से लेकर मीट तक हर चीज की जांच होगी।इस हाईटेक लैब के बनते ही मिलावटखोरों के लिए बचना मुश्किल हो जाएगा। पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी (एलपीटी) विभाग के तहत तैयार हो रही इस प्रयोगशाला में दूध में पानी, यूरिया, सोडियम बायकार्बोनेट जैसी खतरनाक मिलावट की जांच की जाएगी। साथ ही मीट और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता भी परखी जाएगी।

अधिकारियों ने इसके लिए सर्वे पूरा कर लिया है और करीब ₹40 लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एलपीटी विभाग प्रभारी डॉ. अरुप रतन सेन ने बताया कि संस्थान की डेयरी में रोजाना करीब 2000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। इससे दही, पनीर और अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। अब यह पूरा सिस्टम वैज्ञानिक जांच के दायरे में आ जाएगा, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होगी।

संस्थान में सत्र 2025-26 से बीटेक इन डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया गया है। नई प्रयोगशाला छात्रों के लिए भी बड़ा अवसर बनेगी, जहां वे आधुनिक उपकरणों के जरिए प्रयोगात्मक शिक्षा हासिल करेंगे। साथ ही 1 मार्च को डेयरी तकनीक विशेषज्ञ की नियुक्ति भी हो चुकी है, जिससे लैब को तकनीकी मजबूती मिलेगी।

अब बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे सैंपल, बरेली बनेगा टेस्टिंग हब

अब तक खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए झांसी, लखनऊ और अन्य जिलों में भेजने पड़ते थे। लेकिन इस लैब के बनने के बाद बरेली खुद एक बड़ा टेस्टिंग सेंटर बन जाएगा। भविष्य में यहां देशभर से आने वाले सैंपल की जांच की भी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस लैब की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि आम लोग भी पर्ची कटवाकर अपने खाद्य उत्पादों की जांच करवा सकेंगे। इससे न सिर्फ जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि मिलावटखोरों पर सीधा दबाव भी बनेगा। डॉ. अरुप रतन सेन के अनुसार, लैब को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है और जल्द ही यह पूरी क्षमता से काम करेगी। मंडल की पहली इस क्वालिटी कंट्रोल लैब से जिला प्रशासन को भी बड़ी ताकत मिलेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग अब मौके पर ही जांच कर सकेगा, जिससे कार्रवाई तेज और प्रभावी होगी।

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