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आम के बाग में रखवाली कर रही महिला से दुष्कर्म, 11 साल बाद दोषी को सात साल की कैद, जुर्माना भी लगाया

आम के बाग में रखवाली कर रही महिला से दुष्कर्म के 11 साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) अशोक कुमार यादव की अदालत ने आरोपी शंकरलाल मौर्य को दोषी करार देते हुए सात साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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बरेली। आम के बाग में रखवाली कर रही महिला से दुष्कर्म के 11 साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) अशोक कुमार यादव की अदालत ने आरोपी शंकरलाल मौर्य को दोषी करार देते हुए सात साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

मामला क्योलड़िया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 15 जून 2013 को महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 जून की रात वह अपने दामाद के साथ गांव के पास आम के बाग में रखवाली कर रही थी। उसी दौरान रात करीब 12 बजे शंकरलाल मौर्य अपने तीन-चार साथियों के साथ वहां पहुंचा। उनके पास कोई असलहा नहीं था।

आरोप है कि शंकरलाल ने अपने साथियों की मदद से महिला के दामाद को पेड़ से बांध दिया और फिर महिला के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने घटना की जांच के बाद दिसंबर 2013 में आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह और सात साक्ष्य पेश किए गए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी शंकरलाल मौर्य को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों पर सख्त सजा जरूरी है, ताकि समाज में भय बना रहे और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

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