
बरेली। रामगंगा डैम में फंसे चार शवों को 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भमोरा पुलिस ने एनडीआरएफ की मदद से बाहर निकाला। ये शव करीब आठ से दस दिन पुराने बताए जा रहे हैं। इनमें तीन शव महिलाओं के और एक शव एक बच्चे का है। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन अभी तक इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
सोमवार को लोगों ने देखे थे नदी में शव
स्थानीय लोगों ने सोमवार को डैम में शवों को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर भमोरा, सुभाषनगर और कैंट पुलिस पहुंची, लेकिन तेज बहाव के कारण गोताखोरों से शव निकालना संभव नहीं हो पाया।शाम तक प्रयास जारी रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद भमोरा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने एनडीआरएफ की टीम की मदद ली। मंगलवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने दोपहर करीब 2 बजे चारों शवों को निकाल लिया। शवों में एक डेढ़ वर्षीय बच्चे का है, जबकि तीन शव महिलाओं के प्रतीत हो रहे हैं। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
एनडीआरएफ की टीम ने तेज बहाव में निकाले, पीठ पर टंगे थे बैग
18 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद शवों को निकालने में सफलता मिली। एनडीआरएफ की टीम को भी डैम के तेज बहाव और घुमावदार पानी से जूझना पड़ा। शवों को निकालने के लिए टीम ने दोबारा प्रयास किया और अंततः सफलता मिली।स्थानीय लोगों का कहना है कि शव 8 से 10 दिन पुराने लग रहे हैं और वे पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुके हैं। लोगों का मानना है कि ये शव सैलाब के कारण बहकर आए होंगे, या फिर किसी और स्थान से बहकर डैम में फंस गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह की वक्त की पीठ पर बैग भी टंगा हुआ था।
चार शव मिलने से फैली सनसनी
चार शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, और लोग अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि शव सैलाब के दौरान बहकर डैम में आ गए होंगे, या फिर किसी अन्य कारण से डैम में फंसे होंगे। फिलहाल, शवों की पहचान और मामले की जांच जारी है।
Updated on:
17 Sept 2024 10:24 pm
Published on:
17 Sept 2024 10:10 pm
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